आज यानी 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो गई है, जो खत्म 2 जून को होगा। नौतपा के पूरे 9 दिनों तक सूर्य देव अपने प्रचंड रूप में रहते हैं। इस दौरान लोगों को भयंकर गर्मी का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो पृथ्वी पर प्रचंड गर्मी का दौर शुरू होता है, जिसे नौतपा कहा जाता है। हिंदू धर्म में नौतपा में दान-पुण्य करना अत्यंत ही लाभकारी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, नौतपा में किए गए दान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, यानी ऐसा पुण्य जिसका कभी क्षय (नाश) नहीं होता। तो आइए जानते हैं कि नौतपा में किन शुभ चीजों का दान करना चाहिए।
नौतपा में इन 5 चीजों का दान बदल सकता है आपकी किस्मत
- जल का दान- नौतपा में भीषण गर्मी पड़ती है इसलिए इसमें जल दान सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इस दौरान राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना या किसी मंदिर, अस्पताल या सार्वजनिक स्थान पर ठंडे पानी का घड़ा यानी मटका रखना पुण्यकारी माना जाता है।
- पंखा या छाता का दान- नौतपा में किसी गरीब या जरूरतमंदों को छाता या पंखे का दान करें। दोनों ही चीजें गर्मी से राहत दिलाती है। पंखा या छाता का दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती हैं और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है।
- फल का दान- नौतपा में तरबूज, खरबूजा या आम का दान जरूरतमंदों को करना चाहिए। इसके अलावा सत्तू का दान भी अच्छा माना जाता है। इस मौसम के फलों का दान करने से स्वास्थ्य लाभ तो मिलता ही है साथ ही व्यापार और नौकरी में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं।
- पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें- इस भीषण गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। घर की छत या बालकनी पर पक्षियों के लिए दाना और पानी रखें। वहीं घर के बाहर गाय और अन्य पशुओं के लिए भी हरा चारा, खाना और पानी की व्यवस्था करें। गाय को हरा चारा खिलाने से धन-धान्य में कभी भी कमी नहीं होती है। वहीं पक्षियों को दाना-पानी देने से कुंडली के सभी नवग्रह शांत होते हैं।
- जूता या चप्पल- किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को जूता या चप्पल का दान करें। नौतपा में चप्पल का दान अच्छा माना गया है। जूते और चप्पल का दान करने से राहु, शनि देव के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

