प्रतापगढ़। मौसम विभाग लखनऊ द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर जनपद प्रतापगढ़ में आगामी दिनों में मौसम के खराब रहने की संभावना जताई गई है। अपर जिलाधिकारी (वि0ध्रा0) आदित्य प्रजापति ने आंधी-तूफान, मेघगर्जन, वज्रपात तथा तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होने बताया है कि 26 मई से 31 मई 2026 तक जिले में मौसम का प्रभाव बना रहेगा। प्रतापगढ़ को 28 और 29 मई के लिए यलो जोन तथा 29 मई से 31 मई तक ऑरेंज जोन में रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मेघगर्जन और भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। उन्होने बताया है कि विभिन्न आपदाओं के जोखिम को न्यूनीकृत करने हेतु एंड्रॉयड मोबाइल फोन के प्ले स्टोर से सचेत्त एवं दामिनी मोबाइल एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड कर प्राप्त पूर्व की चेतावनी एवं एडवाइजरी के प्रभावी उपयोग से होने वाली क्षति को न्यूनीकृत किया जा सकता है।
उन्होने बताया है कि यदि आप खुले में हो तो शीघ्रातिशीघ्र किसी पक्के मकान में शरण लें, व्यर्थ की यात्रा से बचें, खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे एवं छत से दूर रहे, ऐसी वस्तुएं जो बिजली की सुचालक हैं, उनसे दूर रहें। बिजली के उपकरणों या तार के साथ संपर्क से बच्चे व बिजली के उपकरणों को विजली के संपर्क से हटा दें। तालाब और जलाशयों से भी दूरी बनाये रखें। समूह में न खड़े हो, बल्कि अलग-अलग खड़े रहें। यदि आप जंगल में हो तो बोने एवं घने पेड़ों के शरण में चले जायें। बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें। बाइक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें। धातु से बने कृषि यंत्र-डंडा आदि से अपने को दूर कर दें। आसमानी बिजली के झटके से घायल होने पर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र लें जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। स्थानीय रेडियों अन्य संचार साधनों से मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहें। यदि आप खेत खलिहान में काम कर रहे हो और किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पायें हो तो जहां हैं यहीं रहें, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें से जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें तथा यथाशीघ्र सुरक्षित स्थान पर शरण लें, दोनो पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों से कानों को बंद कर अपने सिर को जमीन की तरफ यथा संभव शरीर को झुका लें तथा सिर को जमीन से न सटाए, जमीन पर कदापि न लेटें, ऊंचे इमारत वाले क्षेत्रों में शरण नहीं लें। साथ ही बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे कदापि शरण नहीं लें, क्योंकि ऊंचे वृक्ष, ऊंची इमारते एवं टेलीफोनध्बिजली के खम्भे आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पैदल जा रहे हो तो धातु की डंडी वाले छातों का उपयोग न करें। यदि घर में हों तो पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छुए। वज्रपात के बाद घर के अंदर तब तक रहे जब तक कि आसमान साफ न हो जाये, स्थानीय प्रशासन को क्षति और मृत्यु की जानकारी दें, अगर कोई व्यक्ति वज्रपात की चपेट में आ गया है तो तुरन्त 112 पर कॉल करें और यथाशीघ्र पीड़ित को अस्पताल ले जाये।

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