बिहार में हर पंचायत में लगेंगे सहयोग शिविर, समस्या का निवारण नहीं हुआ तो 31वें दिन अधिकारी होंगे सस्पेंड
May 19, 2026
बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने एक खास पहल शुरू की है। राज्य में आज से सभी पंचायतों में सहयोग शिविर लगाए जाने की शुरुआत हो रही है। शिविर में आने वाले आवेदनों का निपटारा अधिकारियों को 30 दिन में करना है अन्यथा 31 वें दिन वे स्वतः सस्पेंड हो जायेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद सारण के सोनपुर के डुमरी बुजुर्ग गांव में इस कार्यक्रम की आधिकारिक तौर पर शुरुआत कर दी है।
बिहार सरकार के सहयोग शिविर की पहल के अनुसार, आवेदन मिलने के 10 दिन के अंदर संबंधित अधिकारी को उसे निष्पादित करने के लिए नोटिस दिया जाएगा। आवेदन के 20 वें दिन भी एक बार फिर दूसरा नोटिस जारी होगा। 30 दिन के अंदर हर हाल में आवेदन के निष्पादन का आदेश निर्गत करना होगा। न्यायालय से संबंधित मामले को छोड़कर आवेदन को किसी भी सूरत में अटकाना नहीं है। ऐसा करने वाले पदाधिकारी 31 वें दिन मुख्यमंत्री सचिवालय से निलंबित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय से आवेदन की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को शिविर लगेगा।
जानकारी के अनुसार, सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को भी आज से शुरू हो रहे सहयोग शिविर का निरीक्षण करने को कहा गया है। पटना जिले के प्रभारी मंत्री डिप्टी CM विजय चौधरी आज पटना के दानापुर, नौबतपुर और पुनपुन ब्लॉक के निर्धारित पंचायत में जायेंगे। इन सभी ब्लॉक के पंचायत में रोस्टर के अनुसार शिविर लगाया जायेगा। शिविर पंचायत सरकार भवन या किसी नजदीकी सार्वजनिक स्थल पर लगाया जायेगा। शिविर में अंचल, प्रखंड, और थाना स्तर के अधिकारी एक साथ बैठकर लोगों की समस्याओं को सुनेंगे।
ग्रामीण शिविर के आयोजन से 30 दिन पूर्व या शिविर के दिन भी अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। सभी शिकायतों को सहयोग पोर्टल पर दर्ज किया जायेगा ताकि मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर इनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके। भूमि विवाद, दाखिल-खारिज और राजस्व से जुड़े मामले, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र से जुड़ी दिक्कतें, राशन, पेंशन, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की शिकायतें, बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी समस्याएं वैगरह का समाधान किया जायेगा। राज्य सरकार के सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 पर भी लोग संपर्क कर सकते हैं।
सीएम सम्राट चौधरी ने सहयोग शिविर की शुरुआत करने के बाद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि उनके कार्यालय की तरफ से इस काम की मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने बताया है कि संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस 10 दिन में, दूसरा नोटिस 20 दिन में दिया जाएगा। इसके बाद 25 दिन में अधिकारी को तीसरा नोटिस दिया जाएगा। अगर अधिकारी ने 30 दिन में समाधान नहीं किया तो 31वें दिन अधिकारी को स्वतः निलंबित करने का आदेश जारी हो जाएगा।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा- "हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को शिविर लगेगा। सभी मंत्री तीन-तीन ब्लॉक में आज जा रहे हैं। आपके इस ब्लॉक में अभी तक 54 आवेदन प्राप्त हुए हैं, उसमें से सभी के सभी आवेदन को निष्पादित करने का काम जिला प्रशासन ने किया है। उच्च अधिकारी भी हमारे चिंतित हैं, कुछ न्यायालय का मामला होता है, जमीन का इशू होता है, स्पष्ट रहिये, आदेश करना है कि न्यायालय में यह मामला चल रहा है और न्यायालय से यथाशीघ्र इसको खत्म करना है। यदि 30 दिन में आप आर्डर नहीं करेंगे तो ऐसे पदाधिकारी पर भी कार्रवाई करने का काम सरकार करेगी।"
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा- "मैंने कहा था कि सोनपुर की सीट को मैं गोद लूंगा, आपके इस सपने को मैं पूरा कर रहा हूं। आपके यहां एयरपोर्ट और टाउनशिप बन रहा है, बाबा हरिहरनाथ के नाम से इस इलाके में एक नया टाउनशिप बनाने का काम बिहार की सरकार करने जा रही है। कुछ लोगों की शिकायत मिली कि टाउनशिप में हमारा जमीन चला गया, बेटी की शादी करनी है। तो हम आश्वास्त करते हैं कि जिन लोगों को भी घर में विपदा, आपदा या बेटी की शादी करनी होगी, जिलाधिकारी को आवेदन दीजिएगा, चार गुना पैसा आपके घर और अकाउंट में पहुंचाने का काम किया जाएगा। दिल्ली के पास नोएडा की तरह सोनपुर का विकास होगा। बाहर जाने वाले लोगों के लिए यहीं रोजगार के लिए फैक्ट्री लगाई जाएगी।"

