Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

1 टन प्याज बेचने पर किसान को नहीं मिला कोई पैसा, उल्टा ₹1 देना पड़ा


छत्रपती संभाजीनगर में एक किसान की दर्दनाक कहानी सामने आई है। यहां 1 टन 2 क्विंटल 62 किलो प्याज बेचने के बावजूद किसान को उल्टा 1 रुपया देना पड़ा। किसान प्रकाश गलंदर को प्याज बिक्री से कुल 1 हजार 262 रुपये मिले, लेकिन हमाली, तुलाई, भराई और भाड़े समेत मंडी खर्च 1 हजार 263 रुपये हो गया। यानी प्याज बेचने के बाद भी किसान कर्ज में चला गया। मामला सामने आने के बाद कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किसान प्रकाश गलंदर के घर पहुंचकर पंचनामा किया। किसान ने चार एकड़ जमीन पर प्याज की खेती की थी, जिस पर करीब ढाई से तीन लाख रुपये तक खर्च आया था, लेकिन बाजार में प्याज के बेहद कम दाम मिलने से लागत तक नहीं निकल सकी।

हालात इतने खराब हो गए कि किसान को अपना बचा हुआ आधा प्याज खेत में ही फेंकना पड़ा और कुछ प्याज गन्ने के खेत में डाल दिया। अब किसान को सरकार से आर्थिक मदद और अनुदान की उम्मीद है। छत्रपती संभाजीनगर में किसान प्रकाश गलंदर को 1 टन 2 क्विंटल 62 किलो प्याज बेचने के बाद भी 1 रुपया देना पड़ने का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

किसान प्रकाश गलंदर ने कहा, "मैंने 12 क्विंटल प्याज भेजा था, करीब 25 बोरियां। लेकिन बदले में मुझे सिर्फ एक रुपया मिला है। किसान को उसकी मेहनत का पैसा मिलना चाहिए। मेरी बेटी की शादी थी, जिसकी वजह से मुझ पर 5-6 लाख रुपये का कर्ज है। उम्मीद थी कि फसल से कुछ मदद मिलेगी, लेकिन बेटी की शादी के बाद भी वो कर्ज वैसे का वैसा ही है। एक पैसा भी कम नहीं हुआ। अच्छे प्याज का दाम 3 से 4 रुपये किलो मिल रहा है और अगर प्याज थोड़ा भी खराब हो तो उसका भाव सिर्फ 1 या 2 रुपये किलो लगाया जा रहा है।

कांग्रेस सांसद कल्याण काले ने कहा कि सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। किसानों को उनकी फसल की लागत तक नहीं मिल पा रही, लेकिन केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारें सिर्फ चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।

किसान नेता अजित नवले ने मांग की कि किसानों की उपज एमएसपी के तहत खरीदी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसपी घोषित तो करती है, लेकिन जमीन पर उसका पालन नहीं होता। सरकार को किसानों को तुरंत राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

मामले को लेकर सरकार भी हरकत में आई है। कृषि विभाग के अधिकारियों को जांच के आदेश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि वह किसानों के साथ खड़ी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |