सोनभद्र। जनपद में स्थापित महापुरुषों की मूर्तियों का संरक्षण, सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्याकरण कराया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। महापुरुषों के सम्मान एवं उनके विचारों के संरक्षण के उद्देश्य से शुरू की गई डा. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत कायाकल्प होगा। सोनभद्र में भी महापुरषो के मूर्तियों का विकास किया जाएगा। स्मारकों का सर्वेक्षण कर सूची तैयार की जा रही है। योजना के तहत मूर्तियों की सुरक्षा के लिए टिकाऊ शेड का निर्माण, अतिक्रमण रोकने के लिए ग्रीन स्पेस, बैठने को बेंच, पाथवे व बेहतर प्रकाश की होगी व्यवस्था, बाउंड्रीवाल या रेलिंग के साथ गेट की व्यवस्था व समग्र सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसके अलावा ग्रीन स्पेस, बैठने के लिए बेंच, पाथवे व रात्रि में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर लाइट लगाने की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रत्येक स्थल पर संबंधित महापुरुष के जीवन व योगदान की जानकारी देने के लिए मानक आकार का सूचना पट्ट भी लगाया जाएगा, जिससे आमजन विशेषकर युवाओं को प्रेरणा मिल सके। योजना के लिए प्रति स्थल अधिकतम 10 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों की ओर से कराया जाएगा। "जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया" ने बताया कि डीएम की अध्यक्षता में कार्यदायी संस्थाओं का चयन पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना महापुरुषों के प्रति सम्मान करने के साथ ही नई पीढ़ी को उनके आदर्शों व सामाजिक योगदान से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।डा.बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजनान्तर्गत सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित समाज सुधारकों, महापुरुषों, सामाजिक न्याय के प्रणेतागण तथा सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियों की सुरक्षा, सुदृढ़ीकरण तथा उसके आस-पास हरियाली एवं सौंदर्यात्मक संरचनाओं का विकास किया जाएगा। किसी सार्वजनिक स्थल पर वर्तमान पर लगी मूर्ति पुरानी अथवा जीर्ण-शीर्ण हो गयी हो तो उसके स्थान पर संगमरमर की नई मूर्ति स्थापित की जा सकेगी।
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