IPL मैच के बाद ट्रैफिक जाम में फंसी एम्बुलेंस, ऑक्सीजन खत्म होने के बाद तड़पती रही 26 दिन की बच्ची की मां
April 07, 2026
हैदराबाद से एक ऐसी खबर आई है जो रूह को झकझोर देती है. किसी का मज़ा किसी के लिए ज़िंदगी भर की सज़ा बन गई. उप्पल स्टेडियम में IPL मैच खत्म होने के बाद लगे भीषण ट्रैफिक जाम में एक एम्बुलेंस एक घंटे से ज़्यादा देर तक फंसी रही और उस एम्बुलेंस के अंदर एक 30 साल की मां ज़िंदगी और मौत से लड़ती रही. ऑक्सीजन खत्म हो गई और एम्बुलेंस हिल तक नहीं सकी. बिश्ना ने आखिरकार एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया.
उप्पल स्टेडियम में 5 अप्रैल 2026 को IPL 2026 का पहला हैदराबाद मैच सनराइज़र्स हैदराबाद बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स खेला गया था. यह डे-नाइट मैच था और ट्रैफिक पुलिस ने पहले से ही चेतावनी दी थी कि 5 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से रात 9:50 बजे तक नागोल से हबसीगुड़ा और बोडुप्पल से अंबरपेट तक भीषण जाम की आशंका थी. मैच खत्म होने के बाद जब हज़ारों दर्शक एक साथ बाहर निकले तो उप्पल जंक्शन के आसपास ट्रैफिक पूरी तरह थम गया और इसी जाम में बिश्ना को ले जा रही एम्बुलेंस एक घंटे से ज़्यादा फंसी रही, ऑक्सीजन खत्म हो गई और एक 30 साल की मां ने दम तोड़ दिया. यह हादसा उसी रात का है.
बिश्ना तीन बच्चों की मां थी. उनकी सबसे छोटी बच्ची महज 26 दिन की है वो नवजात जो अभी दुनिया को पहचानना भी नहीं जानती, उसने अपनी मां को खो दिया. यह सोचकर ही दिल भर आता है कि जिस मां ने अभी-अभी एक नई ज़िंदगी को जन्म दिया था, उसे खुद ज़िंदगी ने इस बेरहमी से छीन लिया.
सवाल सिर्फ ट्रैफिक जाम का नहीं है. सवाल यह है कि जब एम्बुलेंस फंसी थी, तब ट्रैफिक पुलिस कहां थी? IPL जैसे बड़े इवेंट के बाद हज़ारों गाड़ियां एक साथ निकलती हैं. यह कोई अप्रत्याशित स्थिति नहीं थी. फिर भी एम्बुलेंस के लिए रास्ता बनाने की कोई व्यवस्था नहीं थी. न कोई अधिकारी आगे आया, न किसी ने एम्बुलेंस को प्राथमिकता दी. एक घंटे से ज़्यादा समय बीतता रहा और एक मां की सांसें धीरे-धीरे थमती रहीं.
यह लापरवाही नहीं, यह सिस्टम की नाकामी है. हमारे देश में एम्बुलेंस को रास्ता देना कानूनी ज़िम्मेदारी है, लेकिन IPL की भीड़ में वह कानून भी दम तोड़ देता है. बिश्ना की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि एक टूटे हुए सिस्टम की वजह से हुई है.
