प्रतापगढ़। जिले के समस्त कम्बाइन हार्वेस्टर संचालकोध्मालिको को सूचित करना है कि वर्तमान फसल कटाई सत्र रबी-2025-26 में बिना एस0एम0एम0एस0 अथवा फसल अवशेष प्रबंधन के कृषि यंत्रो के उपयोग के गेहॅू फसल कटाई करते हुए पाये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा उनके विरूद्व कठोर कार्यवाही तथा सीज करने के निर्देश दिये गये है। इसके अतिरिक्त आगजनी की घटना फसल अवशेष के कारण न हो पाने पाये तथा पशुओ के लिए चारे की कमी भी न होने पाये के संबध में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है।
जिले के किसान भाईयो से अनुरोध है कि गेहॅू फसल की कटाई का कार्य कम्बाइन हार्वेस्टर के माध्यम से बिना एस0एम0एम0एस0 अथवा फसल अवशेष प्रबंधन के कृषि यंत्रो के उपयोग के न कराये तथा यह भी सावधानी बरते कि किसी तरह से फसल अथवा फसल अवशेष में आगजनी की घटना न होने पाये, जिससे जन एवं धन हानि से बचा जा सकें। तथा पशुओ के लिए चारे की भी व्यवस्था हो जाय उक्त के पर्यवेक्षण हेतु कृषि एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियो को सघन निगरानी के निर्देश भी दिये गये है, जिनके द्वारा ऐसे कम्बाइन हार्वेस्टर संचालकोध्मालिको के विरूद्व तत्काल कार्यवाही कराई जायेगी, जिनके द्वारा जिलाधिकारी महोदय के निर्देशो का अनुपालन नही किया जायेगा।
किसान भाई फसल कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्रो जैसे- सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्राचापर, श्रेडर, मल्चर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, हाइड्रोलिक रिवर्सेबुल एम0बी0प्लाऊ, जीरो टिल सीड कम फर्टीड्रिल का प्रयोग खेत में अवश्य करे अथवा क्राप रीपर, रीपर कम बाइन्डर, रेक एवं बेलर का प्रयोग कर फसल अवशेष को अन्य कार्यो जैसे-पशु चारा, कम्पोस्ट खाद बनाने, बायो कोल, बायो फ्यूल एवं सी0बी0जी0 आदि में उपयोग कर सकते है।
फसल अवशेष को जलाने से रोकने हेतु जनपद में उप जिलाधिकारी के पर्यवेक्षण में सचल दस्ते गठित किये गये है, जिनके द्वारा उक्त की निरन्तर निगरानी की जा रही है। यदि कृषकध्व्यक्ति फसल अवशेषध्अन्य कृषि अपशिष्टो को जलाते हुए पाया जाता है अथवा सेटलाइट के माध्यम से घटना प्रकाश में आती है तो दोषी व्यक्ति एवं संबधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
जिले के समस्त कृषक बंधुओ एवं कम्बाइन हार्वेस्टर संचालकोध्मालिको से अनुरोध किया है कि उक्त से अवगत होने तथा उक्त का अनुपालन सुनिश्चित करे, जिससे पर्यावरणीय क्षति से बचा जा सके तथा पशुओ के लिए चारे की भी व्यवस्था की जा सके। इसके अतिरिक्त किसान भाई गौशाला में भी पशुओ के लिए चारे का दान करने का कष्ट करे तथा फसल अवशेषध्गेहॅू की पराली न जलाये।
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