हाथरस। श्री रामेश्वर दास अग्रवाल कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्या प्रो. सुषमा यादव के दिशा निर्देशन में श्वार्षिकोत्सवश् का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. नवीन चंद्र लोहनी (कुलपति, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय) रहें तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अंजुला सिंह माहौर (विधायक, हाथरस सदर) ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से हुआ। तत्पश्चात् सरस्वती वन्दना तथा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया। प्राचार्या ने अपने वक्तव्य द्वारा अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि यह केवल एक वार्षिक सांस्कृतिक आयोजन ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष भर के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों, शिक्षकों के समर्पण और मार्गदर्शन का भी उत्सव है। वार्षिक उत्सव के अवसर पर हम पीछे मुड़कर अपने प्रयासों को देखते हैं, अपनी सफलताओं का भी उत्सव मनाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं छात्राओं से कहना चाहती हूं कि छात्राएं शिक्षा के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों में भी प्रतिभाग करें और अपना बहुमुखी विकास करें। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि द्वारा महाविद्यालय की श्अभिव्यंजनाश् पत्रिका के अंक श्मधुर स्मृतियां श् का विमोचन किया गया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विराजमान श्रीमती अंजुला सिंह माहौर ने अपने वक्तव्य में कहा कि गुरु का अर्थ अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाला है। सपने में भी अपने छात्रों का बुरा न चाहने वाला उनको शिखर तक पहुंचाने वाला गुरु है। उन्होंने छात्राओं को शुभाशीष दिया और कहा कि जब बचेगी बेटी, पढ़ेगी बेटी, तभी आगे बढ़ेगी बेटी। महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा श्बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओश् नाटक प्रस्तुत कर बेटियों को शिक्षित करने पर बल दिया। महाविद्यालय के सचिव प्रदीप गोयल द्वारा महाविद्यालय की प्रगति आख्या पर प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात् महाविद्यालय में अपने 25 वर्ष के कार्यकाल को पूर्ण करने पर प्रो. रंजना गुप्ता, प्रो. संगीता अरोड़ा, डॉ. शालिनी शर्मा को उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय की पत्रिका श्अभिव्यंजनाश् की संपादिका प्रो. मंजू वर्मा को उनके कुशल संपादन के लिए प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी को संचालित करने वाली संयोजिका श्रीमती अनामिका सिंह, उप संयोजका डॉ. बरखा भारद्वाज, आयोजक सचिव डॉ. ललितेश तिवारी, उप आयोजक सचिव डॉ. अमित भार्गव को उनके सराहनी कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात् छात्राओं द्वारा सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद रामायण पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा भीष्म साहनी द्वारा रचित श्चीफ की दावतश् कहानी का मंचन किया गया। महाविद्यालय की छात्रा अंजली शर्मा द्वारा काव्यपाठ प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में कहा कि सरकार का 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य है। यह लक्ष्य तब पूरा होगा जब एक-एक व्यक्ति, एक-एक परिवार, एक-एक शहर, एक-एक प्रदेश ऊंचाई तक जाए। उन्होंने छात्राओं को नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षा ग्रहण करके आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। तत्पश्चात् महाविद्यालय के अध्यक्ष पदम नारायण अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्राओं को मुक्त विश्वविद्यालय में चल रहे अनेक कोर्सों में से अपने रुचि के अनुसार शिक्षा ग्रहण करके अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की शुभकामना दी।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बरखा भारद्वाज (शारीरिक शिक्षा विभाग) ने किया। सफल मंच संचालन डॉ. शालिनी शर्मा (अंग्रेजी विभाग) द्वारा किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष आशीष शर्मा, रवि गर्ग, राकेश बंसल, देवेंद्र मोहता, अमित अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, श्रीमती नीतू यादव, एम. एस. यादव, पी. पी. सिंह (डायरेक्टर, प्रेम रघु हॉस्पिटल), श्रीमती नंदनी बंसल, राजीव लोचन, मनोज अग्निहोत्री, गिर्राज सिंह, प्रशांत, प्रो. मीता कौशल (पूर्व प्राचार्या), प्रो. नगमा यास्मीन (पूर्व प्रोफेसर) प्रो .उमा जोशी समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं, छात्राएं तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहें। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान द्वारा किया गया।
