लखनऊ। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर लखनऊ नगर निगम द्वारा शहर भर में व्यापक स्तर पर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। महापौर सुषमा खर्कवाल के नेतृत्व में “क्लीन एंड ग्रीन लखनऊ” अभियान के तहत नगर निगम की आईईसी (प्म्ब्) टीम, एलएसए (स्ै।) एवं लायन एनवायरो की ऑपरेशन टीम ने विभिन्न जोनों और वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए।
अभियान के तहत जोन-7 के वार्ड 80 स्थित एक पार्क में विशेष सफाई कार्यक्रम चलाया गया, जहां प्लास्टिक व अन्य कचरे को एकत्र कर उसका निस्तारण किया गया तथा पौधारोपण कर हरित वातावरण का संदेश दिया गया। स्थानीय नागरिकों को कचरा पृथक्करण, स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के सरल उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
इसके साथ ही विभिन्न विद्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया। जोन-8, वार्ड-19 (शारदा नगर प्रथम) स्थित आवासीय पब्लिक स्कूल एवं न्यू गोल्डन पब्लिक स्कूल, जोन-2, वार्ड-21 (मालवीय नगर) में करियर अकैडमी स्कूल, जोन-7, वार्ड-51 (इस्माइलगंज प्रथम) के क्षेत्रीय विद्यालय परिसर, जोन-5 के गुरुनानक नगर वार्ड (स्नेह नगर) में दर्शन स्कूल, तथा जोन-3 के वार्ड-109 (चांदगंज) और वार्ड-47 (डालीगंज) स्थित प्राथमिक विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इन कार्यक्रमों में छात्रों और शिक्षकों को गीले, सूखे, सैनिटरी एवं घरेलू खतरनाक कचरे के पृथक्करण, पुनः उपयोग (त्मनेम) और पुनर्चक्रण (त्मबलबसम) के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेष रूप से “वेस्ट टू वंडर” गतिविधि के माध्यम से बच्चों को अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी एवं आकर्षक सामग्री बनाने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे उनकी रचनात्मकता का विकास हुआ। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कर हरित क्षेत्र बढ़ाने और पौधों की देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित नागरिकों, छात्रों एवं प्रतिभागियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर वरिष्ठ नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
नगर निगम का यह अभियान न केवल विद्यार्थियों के लिए शिक्षाप्रद रहा, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छ और हरित शहर का निर्माण केवल प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही संभव है।
