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रुद्रपुर: रा.क.उ.प्र. विद्यालय में चल रहे तीन माह रानी लक्ष्मीबाई आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन


रुद्रपुर/उधम सिंह नगर। समाज मे दिन प्रतिदिन बढ़ रही आपराधिक घटनाओ के प्रति सभी बालिकाओं को सशक्त बनाने व सेल्फ डिफेन्स के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार द्वारा समग्र शिक्षा योजनान्तर्गत रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय रूद्रपुर में 90 दिवसीय सेल्फ डिफेन्स प्रशिक्षण शिविर का समापन जू-जित्सु प्रतियोगिता कराकर किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रताप कुमार ने कहा कि समाज में बढ़ रहे दिन-प्रतिदिन अपराधिक कृत्यों से निपटने के लिए व मनचलो को सबक सिखाने एवं किस परिस्थिति में स्वयं की रक्षा व क्या कदम उठाए जाएं जैसी सभी महत्वपूर्ण तथ्यों से सम्बंधित सभी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई सेल्फ डिफेन्स प्रशिक्षण शिविर के तहत एशियन जु-जित्सू खिलाड़ी एवं कोच रूनू शर्मा द्वारा आत्मरक्षा की महत्वपूर्ण तकनीकों के साथ साथ इस शिविर में सभी छात्राओ को ब्लॉक, पंच, एडवान्स तकनीको के साथ साथ आत्मनिर्भर बनने के गुण भी सिखाए गए । साथ ही उन्होंने विद्यालय में सेल्फ डिफेन्स का प्रशिक्षण देने पर कोच रूनू शर्मा के कार्य की सराहना की। ओर उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के अभियान स्कूल में समय-समय पर होने चाहिए, व सेल्फ डिफेंस का कोर्स अनिवार्य होना चाहिए।

विद्यालय की शिक्षिका नीलू अरोरा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराध समय और स्थान का इंतजार नहीं करता है, आपके साथ कोई अपराधिक घटना कभी भी और कहीं भी हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने पास मौजूद समान्य चीजों ओर आसपास के वातावरण में मौजूद चीजों को हथियार बनाकर अपराधी का सामना कर खुद को सुरक्षित कर सके।

साथ ही जिला जु-जित्सू एसोसिएशन ऑफ ऊधम सिंह नगर के महासचिव ऋषि पाल भारती ने कहा कि यह अभियान बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ डिफेंस शिविर से जुड़ी जानकारी हर लड़की के लिए उतनी ही जरूरी है, जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बालिकाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल के निर्माण को गति देगी। छात्राओं को पेन के जरिए हमला करना, दुपट्टे के इस्तेमाल से अटैकर को धूल चटाना जैसी तकनीकों के साथ साथ छात्राओं को की-होंन में ब्लॉक, पंच, किक एवं महत्वपूर्ण तकनीकों को सिखाया गया। प्रशिक्षिका रूनू शर्मा ने कहा कि यदि कोई बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।

प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में विज्रा, कोमल आर्या, आफरीन, अंशिका, रिया ने स्वर्ण पदक, प्रिया, शिफा, मोनिका सैनी, प्रिया, शिवानी पाल ने रजत पदक, एवं निशा, खुशी पठान, लता, जानवी मौर्या, सानिया, पूनम, संतोषी, संगीता, जोया, अश्वी ने कांस्य पदक जीते। समापन अवसर पर सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय परिवार स्टाफ से प्रदीप कुमार, नीलू अरोरा, नंदा चक्रवर्ती, सुधा सिंहा एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी लोरी, शिवानी, कौशल्या गुप्ता, गुलशन कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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