प्रतापगढ़/बाबागंज। संग्रामगढ़ क्षेत्र के मोहम्मदपुर सोहाग गांव में लापरवाही और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने एक मासूम की जान ले ली। घर में शौचालय न होने और अवैध रूप से अधिक खुदाई से बने गहरे तालाब ने 11 वर्षीय बालिका को मौत के मुंह में धकेल दिया। बालिका की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।
मोहम्मदपुर सोहाग ग्राम पंचायत में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। भोंदू सरोज की 11 वर्षीय पुत्री बेबी सरोज की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसरा है।
मृतका बेबी सोमवार दोपहर घर के पास स्थित तालाब के किनारे शौच के लिए गई थी। घर में शौचालय न होने की मजबूरी उसे रोजाना इस खतरे की ओर धकेलती थी। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गई। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। खोजबीन के बाद जब सच्चाई सामने आई तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बेबी गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा थी और अपने परिवार की सबसे छोटी संतान थी। पिता भोंदू सरोज ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटी की असमय मौत से मां उर्मिला सरोज सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए मानक से अधिक मिट्टी की खुदाई की गई थी, जिससे तालाब की गहराई अधिक हो गई थी। यही लापरवाही इस मासूम की मौत की वजह बनी।
सूचना पर पहुंची संग्रामगढ़ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ मनोज सिंह तोमर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है। अभी तक किसी प्रकार की तहरीर नहीं मिली है। शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और निर्माण कार्यों में बरती जा रही घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक मासूम की मौत ने सिस्टम की संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है।
