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दक्षिण भारत में लोकसभा की सीटों में नहीं होगी कोई कटौती-पीएम मोदी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार (4 अप्रैल 2026) को कहा कि जनसंख्या को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने वाले दक्षिण भारतीय राज्यों में लोकसभा सीट की संख्या कम नहीं की जाएंगी और देश भर के राज्यों को लाभ पहुंचाने के लिए सीट की कुल संख्या बढ़ाई जाएगी. पीएम मोदी मोदी ने एनडीए की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि संसद का सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है, ताकि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाले कानून में संशोधन पारित किया जा सके.

पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संसद का वर्तमान बजट सत्र गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को ही संपन्न होना था, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है. लोकसभा और राज्यसभा की 16 अप्रैल से तीन दिवसीय बैठक होगी और महिला आरक्षण को लागू करने के लिए लोकसभा में सीट की संख्या को 543 से बढ़ाकर 816 करने सहित कई विधेयकों पर विचार किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि इस विस्तार से सुनिश्चित होगा कि जनसंख्या नियंत्रण में मिली सफलता के बावजूद दक्षिण भारतीय राज्यों की सीट संख्या में कोई कमी नहीं होगी.

उन्होंने कहा, ‘ये झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि जनसंख्या नियंत्रण के कारण दक्षिण भारतीय राज्यों में सीट की संख्या कम कर दी जाएंगी, लेकिन यह पूरी तरह असत्य है. संसद यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी कि उनकी सीट पूरी तरह सुरक्षित रहें. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा और तेलंगाना जैसे राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में अच्छा काम किया है. उनकी जनसंख्या वृद्धि कम रहने पर भी उनकी लोकसभा की कोई सीट कम नहीं की जानी चाहिए.’

पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस ने परिसीमन के मुद्दे को उठाकर बीजेपी को निशाना बनाया है और तर्क दिया है कि जनसंख्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने वाले दक्षिण भारत के राज्यों को उनकी संसदीय सीटों में कटौती के रूप में दंडित नहीं किया जाना चाहिए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने हाल ही में कहा था कि यह बहुत बड़ा मुद्दा है और मौजूदा स्थिति के अनुसार केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संसदीय सीट की संख्या में कमी की जा सकती है.

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 से संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है और उन्होंने सभी दलों से विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है. संसद 16 से 18 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर विचार करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए फिर से बैठक करेगी. हमारा लक्ष्य 2029 से संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है.’

उन्होंने सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित किए जाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘एनडीए की नीतियों की सबसे बड़ी लाभार्थी महिलाएं हैं. महिला सशक्तीकरण और प्रतिनिधित्व हमारी प्राथमिकता हैं. हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान के लिए काम किया है. हमने हर घर में शौचालय बनवाए, जन धन खाते खुलवाए और महिलाओं के नाम पर मकान बनवाए.’

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