मराठी के नाम पर ऑटो वालों से गुंडागर्दी गलत-इम्तियाज जलील
April 27, 2026
महाराष्ट्र में ऑटो ड्राइवरों को मराठी सिखाने के मामले में एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने कहा है कि मराठी सिखाने के नाम पर गुंडागर्दी गलत है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले सभी लोगों को मराठी बोलनी चाहिए और यहां रहने वाले दूसरी भाषा के लोगों को मराठी सिखाई जानी चाहिए, लेकिन किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए। एआईएमआईएम नेता और पूर्व सांसद ने कहा, "महाराष्ट्र में रहते हुए मराठी बोलने का हम समर्थन करते हैं, लेकिन जो धमकाया जा रहा गुंडागर्दी की जा रही है। रिक्शावालों को पकड़कर आप कह रहे है कि मराठी सिख वरना हम तुझे पीटेंगे। यह कौन सा नियम है?"
इम्तियाज जलील ने सवाल करते हुए कहा, "आपको कानून हाथ में लेने का अधिकार किसने दिया है? मैं अगर कहूं कि एक दिन में या फिर आठ दिन में फ्रेंच सीखिए या फिर जर्मन सीखिए तो क्या यह संभव हो सकेगा। ठीक है, जो गरीब है उन्हें थोड़ा वक्त दीजिये। उन्हें मराठी समझ में आती होगी।"
इम्तियाज जलील ने बताया कि वह महाराष्ट्र में ही रहते हैं। उन्होंने यहीं पढ़ाई की, लेकिन कई साल पहले तक उन्हें ठीक से मराठी नहीं आती थी। उन्होंने अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ाई की थी, जहां मराठी नहीं पढ़ाई जाती है। इस वजह से उन्हें मराठी नहीं आती थी। इसके बाद उन्होंने कोशिश की और अब वह मराठी में बात कर सकते हैं और इस पर गर्व है। यह बात उन्होंने मराठी भाषा में ही कही।
एआईएमआईएम नेता ने कहा, "जब विधानसभा का विधायक था, उस वक्त मैने विधानसभा में मांग की थी कि महाराष्ट्र में एससीसी बोर्ड के अलावा जो सीबीएससी या अन्य बोर्ड है, उनमें भी मराठी पढ़ाना अनिवार्य की जाए। हम यही मांग करना चाहेंगे कि कोई भी कानून को हाथ में ना ले।" उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सीबीएसई बोर्ड में जर्मन भाषा पढ़ सकते हैं, लेकिन मराठी नहीं पढ़ सकते। क्या इस बारे में सरकार को जानकारी नहीं थी।
