पीलीभीत। शहर में बाढ़ की समस्या और अत्यधिक बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से स्थायी समाधान तलाशने के उद्देश्य से गुरुवार को नगर पालिका परिषद कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर, नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने नगर पालिका अध्यक्ष डॉ आस्था अग्रवाल के साथ विस्तृत चर्चा कर शहर की वर्तमान स्थिति का आकलन किया।
बैठक में बाढ़ प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था, नालों की स्थिति, जलभराव वाले प्रमुख क्षेत्रों की पहचान तथा भविष्य की कार्ययोजना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते जलभराव की समस्या के समाधान के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति अपनाना बेहद आवश्यक है।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने बैठक में कहा कि शहर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर एक विस्तृत और व्यवहारिक रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि तैयार की जाने वाली योजना पर्यावरण के अनुकूल हो, जिससे जलभराव से राहत मिलने के साथ प्राकृतिक संतुलन भी बना रहे।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल, सीनियर इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानर लवलेश शर्मा, अर्बन डवलपमेंट स्पेशलिस्ट रिवर साइट्स विभूषित सक्सेना, सीनियर प्रोग्राम एसोसिएटस रिवर साइट्स मौमिता कर्मकार तथा बरेली के अर्बन प्लानर जिया मौजूद रहे। सभी विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शहर की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी सुझाव प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञों ने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, नालों की नियमित सफाई, जल निकासी मार्गों के चैड़ीकरण और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखने की आवश्यकता भी बताई।
अंत में निर्णय लिया गया कि संबंधित टीम जल्द ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और उस रिपोर्ट को केंद्र सरकार को सौपेगी जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इस पहल से नगरवासियों को भविष्य में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
