नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री, सुश्री मायावती जी ने आज देश की राजधानी में दिल्ली स्टेट पार्टी यूनिट के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण और लंबी समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी संगठन को जमीनी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना तथा जनाधार के विस्तार के लिए दिए गए पिछले दिशा-निर्देशों पर अमल की जांच करना था।
संगठन में फेरबदल और प्रदर्शन की समीक्षा-
बैठक के दौरान मायावती जी ने पार्टी के कार्यों का गहन विश्लेषण किया-
जहाँ कुछ पदाधिकारियों द्वारा किए गए अच्छे कार्यों की सराहना की गई, वहीं कई स्तरों पर संगठन का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया। परिणामस्वरूप, संगठन में जरूरी फेरबदल किए गए हैं ताकि श्मिशनरी लक्ष्यश् को प्राप्त करने के लिए नई ऊर्जा के साथ काम किया जा सके। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को पूरे जी-जान से जुटकर अपेक्षित सुधार लाने पर बल दिया।
भाजपा और आप सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर फीडबैक लेने के बाद बसपा प्रमुख ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार जाने के बाद, अब जनता वर्तमान भाजपा सरकार से भी बेहद निराश है। मायावती जी के अनुसार, भाजपा सरकार जनहित और कल्याणकारी कार्यों की कसौटी पर खरी नहीं उतर पा रही है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में गिरावट आई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली की जनता भ्रष्टाचार मुक्त, न्याय-युक्त शासन और श्कानून द्वारा कानून का राजश् चाहती है, जो केवल बसपा की सरकार ही दे सकती है।
भावी चुनावी रणनीति! यूपी और उत्तराखंड पर नजर
दिल्ली की बैठक से पहले, 23 अप्रैल को लखनऊ से दिल्ली आगमन के बाद मायावती जी ने उत्तराखंड राज्य की भी समीक्षा की थी। उन्होंने निर्देश दिया कि पार्टी को उत्तर प्रदेश और पंजाब के साथ होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार रखा जाए। कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया गया कि वे हर घर तक यह बात पहुँचाएँ कि सर्वसमाज का हित केवल बसपा की नीतियों में ही निहित है।
