हाथरस/नई दिल्ली। सक्षम स्टूडेंट्स फोरम (ैैथ्) ने गांधी भवन में अपने उद्घाटन कार्यक्रम ‘दिव्यांग युवा शक्ति सम्मेलन’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया। ष्सशक्त दिव्यांग, सशक्त भारतष् के संकल्प के साथ आयोजित इस शिखर सम्मेलन में सैकड़ों छात्रों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं ने शिरकत की, ताकि भारत में समावेशिता के भविष्य की रूपरेखा तैयार की जा सके। नवनियुक्त सक्षम स्टूडेंट्स फोरम (ैैथ्) एक प्रमुख छात्र-नेतृत्व वाला संगठन है, जो दिव्यांग छात्रों के कल्याण, उनके अधिकारों की वकालत और समग्र विकास के लिए समर्पित है। इसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में समानता, सुलभता और गरिमापूर्ण वातावरण को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन का उद्घाटन सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. दयाल सिंह पवार ने किया। उन्होंने 2008 में सक्षम की शुरुआत से अब तक के सफर को साझा किया और बताया कि कैसे आज केवल दिल्ली में ही 9 दिव्यांग केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री रविंदर इंद्रराज ने कहा कि दिव्यांगता बाधाओं से परे है और यह किसी भी व्यक्ति को उसके लक्ष्यों को प्राप्त करने से नहीं रोक सकती। दोनों नेताओं ने एस.एस.एफ. जैसे मंचों के माध्यम से सार्वजनिक जीवन और शिक्षा को दिव्यांग नागरिकों के लिए शत-प्रतिशत सुलभ बनाने की सरकारी और संस्थागत प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
प्रथम सत्र में युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। एन.आई.ई.एल.आई.टी. (छप्म्स्प्ज्) के महानिदेशक प्रो. मदन मोहन त्रिपाठी ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की। अंतरराष्ट्रीय पैरा-शूटिंग चैंपियन मिस माधवी हंस ने खेल के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के अपने संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी साझा की, जिससे वहां उपस्थित सैकड़ों दिव्यांग छात्र अत्यंत प्रभावित हुए। इस सत्र का एक मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर के पैरा-एथलीटों का सम्मान समारोह रहा, जहाँ उनकी वैश्विक उपलब्धियों और अटूट साहस को सराहा गया। इसके पश्चात, गणमान्य अतिथियों ने औपचारिक रूप से सक्षम स्टूडेंट्स फोरम (ैैथ्) के लोगो (स्वहव) का अनावरण किया, जो अगली पीढ़ी के नेतृत्व को सशक्त बनाने के मिशन की आधिकारिक शुरुआत है।
दूसरे सत्र में संस्थागत सहयोग और शैक्षणिक समन्वय पर ध्यान केंद्रित किया गया। राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष सीनियर प्रो. रेखा सक्सेना ने प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखते हुए कहा कि श्विकसित भारतश् का लक्ष्य दिव्यांग समाज के समावेश और सशक्तिकरण के बिना अधूरा है। एन.सी.डब्ल्यू.ई.बी. (छब्ॅम्ठ) की निदेशक प्रो. गीता भट्ट ने एस.एस.एफ. को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए भविष्य की पहलों में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। सक्षम के दिल्ली प्रांत अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार ने इस नए फोरम का स्वागत करते हुए इसे सक्षम के परिवार में एक ष्नया गौरवशाली अध्यायष् बताया, जो छात्रों और प्रशासनिक संसाधनों के बीच सेतु का कार्य करेगा।
कार्यक्रम का समापन सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री चंद्रशेखर के संबोधन के साथ हुआ, जिन्होंने छात्रों को जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षाएं दीं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन के अंत में आधिकारिक एस.एस.एफ. टीम की घोषणा की गई, जिससे छात्र नेताओं को फोरम की भविष्य की गतिविधियों का नेतृत्व करने और शैक्षणिक स्तर पर दिव्यांग छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
