पट्टी/प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के अनुसार पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना, तरुण चेतना प्रतापगढ़ एवं फावा नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में पट्टी क्षेत्र के रमईपुर दिशिनी प्राथमिक विद्यालय परिसर में ग्राम स्तर पर घरेलू हिंसा, दहेज उन्मूलन विषय पर अभिमुखीकरण एवं जागरूकता चैपाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार रघुवंशी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है जब बेटियों को समान अवसर और उचित शिक्षा दी जाए। उन्होंने “पहले विद्यादान, फिर कन्यादान” के महत्व को समझाते हुए कहा कि एक शिक्षित बेटी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को सशक्त बनाती है। शिक्षा बेटियों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जागरूक बनाती है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहती हैं और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने में सक्षम होती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
तरुण चेतना के निदेशक नसीम अंसारी ने महिलाओं एवं बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, तभी वे समाज में होने वाले अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ आत्मरक्षा और आत्मविश्वास विकसित करने की भी सलाह दी और समाज से आग्रह किया कि वे महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करें।
इसी क्रम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना के प्रभारी संजय यादव ने बाल श्रम, बाल विवाह एवं महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल श्रम और बाल विवाह दोनों ही कानूनन अपराध हैं और इनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा से वंचित करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। साथ ही उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
ब्लॉक संघ के अध्यक्ष इंद्रधर दुबे (छोटे दुबे) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बेटियों एवं महिलाओं की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा का विरोध करें और एक सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।
इस कार्यक्रम में हकीम अंसारी, श्याम शंकर शुक्ला, सत्यम घर दुबे, अंकित मिश्रा, उप निरीक्षक रामचंद्र गुप्ता, चैकी प्रभारी संदीप मौर्य (पृथ्वीगंज), दिवान फिरोज सिद्दीकी, कांस्टेबल तौसीफ रजा, अजय मिश्रा (हवलदार), प्रधानाध्यापक बालमुकुंद ओझा सहित अनेक गणमान्य लोग।
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