अमेठीः उपभोक्ताओं की जान पर बन आई! गैस संकट बना ‘जनसंकट’, प्रशासन की व्यवस्था ध्वस्त
April 10, 2026
अमेठी। इंडेन गैस एजेंसी प्रकाश गैस सर्विस पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पैदा हुआ संकट अब विकराल रूप ले चुका है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बनाई गई वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब यह सिर्फ गैस की कमी का मामला नहीं रह गया, बल्कि यह सीधे-सीधे जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकट बन गया है। दरअसल, बीते सप्ताह प्रशासन द्वारा प्रकाश गैस सर्विस के खिलाफ जांच की गई थी, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद तत्काल प्रभाव से गैस गोदाम को सील कर दिया गया और इंडेन गैस कंपनी को सूचना देते हुए कुछ समय के लिए सप्लाई भी रोक दी गई। इस कार्रवाई के बाद हजारों उपभोक्ताओं के सामने गैस सिलेंडर का संकट खड़ा हो गया। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रशासन ने ककवा रोड स्थित देव मैरिज लॉन परिसर में अस्थायी रूप से गैस सिलेंडर वितरण की व्यवस्था कराई। शुरुआत में कम जानकारी होने के कारण पहले दिन स्थिति सामान्य रही, लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया पर यह सूचना फैली, दूसरे ही दिन वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालत यह हो गई कि सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग गईं। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों तक धूप में खड़े रहने को मजबूर हो गए। न तो छाया की समुचित व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी या चिकित्सा सुविधा का कोई इंतजाम। अव्यवस्था और बढ़ती भीड़ को देखते हुए मैरिज लॉन संचालक ने भी इस व्यवस्था को आगे जारी रखने से इंकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने आगे का वितरण संग्रामपुर के मां कालिका मैरिज लॉन में संग्रामपुर के इंडेन गैस डीलर के माध्यम से कराने का निर्देश जारी कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने शुक्रवार को संग्रामपुर क्षेत्र में गैस वितरण की नई व्यवस्था लागू की और मां कालिका मैरिज लॉन में सिलेंडर बांटने की शुरुआत कराई। लेकिन यहां भी स्थिति पहले से और बदतर देखने को मिली। हजारों की संख्या में उपभोक्ता सुबह से ही लाइन में लग गए। तेज धूप, उमस और अव्यवस्था के बीच लोग घंटों खड़े रहे, लेकिन वितरण की रफ्तार बेहद धीमी रही। कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ा। इसी दौरान अमेठी की उपभोक्ता पारुल अग्रहरि, पुत्री विनय कुमार अग्रहरि, जो कई घंटों से लाइन में खड़ी थीं, अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ीं और बेहोश हो गईं। यह दृश्य देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास खड़े लोगों ने तत्काल पानी की व्यवस्था कर उनके चेहरे पर छींटे मारे और किसी तरह उन्हें होश में लाया। लेकिन सबसे चैंकाने वाली बात यह रही कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल सका। मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि जल्द ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह अव्यवस्था किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर लोग कभी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का शिकार हो सकते हैं। अमेठी में गैस वितरण की बदहाल व्यवस्था ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। उपभोक्ता आज राहत की उम्मीद में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ परेशानी और अव्यवस्था ही मिल रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर संकट को कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से नियंत्रित करता है।
