पीलीभीत। शहर का चर्चित एसएस हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार मामला बेहद संवेदनशील और चैंकाने वाला है, जहां एक युवक ने अपनी बीमार मां के साथ अस्पताल में हुई कथित घटना को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि इलाज के दौरान महिला मरीज के कानों से सोने के कुंडल गायब हो गए, और शिकायत करने पर अस्पताल स्टाफ ने मदद के बजाय दुर्व्यवहार किया।
रम्पुरिया सिरसा निवासी राहुल के अनुसार, वह 10 अप्रैल की शाम अपनी मां को गंभीर स्थिति में अस्पताल लेकर पहुंचा था। भर्ती की प्रक्रिया के दौरान ही गेट पर तैनात एक सुरक्षा कर्मी पर कुंडल चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का दावा है कि पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद है, जिसमें संदिग्ध गतिविधि स्पष्ट देखी जा सकती है। मामला यहीं नहीं रुका। राहुल का कहना है कि जब उसने इस संबंध में डॉक्टर और प्रबंधन से शिकायत की, तो उसकी बात सुनने के बजाय उसे और उसके परिजनों को डराया गया। आरोप है कि उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया और जान से मारने की धमकी तक दी गई। सबसे गंभीर आरोप यह है कि महिला मरीज की हालत नाजुक होने के बावजूद इलाज जारी नहीं रखा गया। परिजनों के अनुसार, एक आईसीयू कर्मी द्वारा अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कहा गया कि “अब मरीज का समय पूरा हो गया है।” इसके बाद महिला को अस्पताल से बाहर कर दिया गया, जिससे परिजन दहशत में आ गए।
पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच सौंपी है। साथ ही एलआईयू से भी रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जहां अस्पतालों को सेवा और संवेदना का केंद्र माना जाता है, वहीं इस तरह के आरोप लोगों के भरोसे को गहरा आघात पहुंचाते हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
