आगरा। जनपद में डेयरी उत्पादोंकृजैसे खोआ, पनीर, घी एवं दूधकृमें बढ़ती मिलावट को लेकर चिंता गहराती जा रही है। “जन प्रहरी संस्था” ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। संस्था का कहना है कि मिलावटी डेयरी उत्पादों का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है और आए दिन इससे संबंधित खबरें सामने आ रही हैं।
संस्था के अनुसार, शहर में बाहर से लाए जा रहे दूध, पनीर और खोए को बड़ी दुकानों पर बेचा जा रहा है, जबकि कई प्रतिष्ठानों की जांच नियमित रूप से नहीं हो पाती। आरोप है कि कुछ मामलों में खाद्य निरीक्षकों और दुकानदारों के बीच सांठगांठ के कारण कार्रवाई प्रभावी नहीं हो रही है। यह स्थिति न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन है।
बताया गया है कि बाजार में सिंथेटिक दूध, मिलावटी घी और नकली खोआ खुलेआम बिक रहा है। इन उत्पादों में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च और अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग की आशंका जताई गई है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां, किडनी की समस्या और अन्य गंभीर रोगों का खतरा बढ़ रहा है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों पर इसका अधिक दुष्प्रभाव पड़ रहा है।जन प्रहरी संस्था ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित में निम्नलिखित कदम उठाए जाएं सभी डेयरी प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों और दूध विक्रेताओं की नियमित एवं सघन जांच हो। सैंपलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।
दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।आम जनता को मिलावटी खाद्य पदार्थों की पहचान और उनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।बाहर से आने वाले दुग्ध उत्पादों के विक्रेताओं का पंजीकरण और निगरानी सुनिश्चित की जाए।
जन प्रहरी सचिव ने कहा कि यह मुद्दा सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आमजन को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। इस मोके पर जन प्रहरी संयोजक नरोत्तम शर्मा, डॉ आंनद राय कार्यकारी अध्यक्ष, अधिवक्ता गुलाब सींह, मीडिया प्रभारी हरिओम शर्मा, दिवाकर शर्मा, राकेश शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
