जयसिंहपुर/सुल्तानपुर। साटा गांव निवासी युवक हिमांशु वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पहले इसे सामान्य सड़क हादसा बताया गया, लेकिन जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, मामला पूरी तरह बदल गया। परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। देखते ही देखते गांव में तनाव फैल गया और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
घटना शनिवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। हिमांशु वर्मा सैती गांव से एक मजदूर को छोड़कर वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सैती गांव मोड़ के पास दो वाहनों की टक्कर हो गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर ले गए। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान रविवार दोपहर उनकी मौत हो गई।
रविवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब शव साटा गांव पहुंचा, तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार सुबह परिजनों ने अचानक अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया और आरोप लगाया कि हिमांशु की मौत सड़क हादसे से नहीं बल्कि पहले हुई मारपीट के कारण हुई है। मृतक के छोटे भाई युवराज वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना देने वाले युवक ने बताया था कि जब वह मौके पर पहुंचे, तब हिमांशु के नाक और कान से खून बह रहा था, जिससे उन्हें हत्या की आशंका है।
परिजनों के आरोप के बाद माहौल गर्म हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। स्थिति बिगड़ती देख जयसिंहपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बढ़ते तनाव को देखते हुए आसपास के कई थानोंकृदोस्तपुर, मोतिगरपुर, कूड़ेभार, महिला थाना और गोसाईगंजकृकी पुलिस फोर्स भी बुलानी पड़ी। गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
परिजन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी प्रभात कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण चतुर्वेदी और नायब तहसीलदार रूबी यादव ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
काफी देर तक चले समझाने-बुझाने के बाद परिजन शाम करीब साढ़े चार बजे अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद गांव के बाहर स्थित बाग में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर पुरुषोत्तमपुर गांव के चार नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस बीच शुक्रवार को मामला एक बार फिर गरमा गया। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सूचना मिलने पर सरदार पटेल सेना सहित कई सामाजिक संगठनों के लोग मृतक के घर पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने गांव के बाहर पीएसी की दो गाड़ियां और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह भी दोपहर करीब 2रू30 बजे मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। वही सुबह से ही क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण चतुर्वेदी, कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्रा समेत कई थानों की पुलिस फोर्स गांव में डटी रही, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सड़क हादसा था या हत्या। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गांव में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
