लखनऊः एसआर इंटरनेशनल स्कूल एंड स्पोर्ट्स अकादमी ने आईसीएसई बोर्ड परिणामों में उत्कृष्टता की परंपरा को किया और सुदृढ़
April 30, 2026
लखनऊ। लखनऊ जिले आईसीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होते ही एसआर इंटरनेशनल स्कूल एंड स्पोर्ट्स अकादमी का परिसर गर्व, हर्ष और संतोष की भावना से आलोकित हो उठा। इस उपलब्धि ने संस्था के गौरवशाली इतिहास में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। उत्कृष्टता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए, विद्यालय ने इस वर्ष 100ः परिणाम दर्ज किया। यह सफलता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का प्रमाण है। समग्र परिणाम अत्यंत सराहनीय रहा, जहाँ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 80दृ90ः के बीच अंक प्राप्त कर निरंतरता और शैक्षणिक गुणवत्ता का परिचय दिया। इस उल्लेखनीय सफलता में यश दीक्षित ने 97ः अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनके पश्चात शौर्य प्रताप सिंह (95ः), रक्षिता रत्नाकर (94.4ः), काव्या सिंह (92ः), अक्षत मुकेश सिंह (92ः) तथा वंश गोयल (90ः) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय की गौरवशाली उपलब्धियों को और ऊँचाई प्रदान की। परिणामों में विषयवार उत्कृष्टता भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विद्यार्थियों ने हिंदी, इतिहास एवं नागरिक शास्त्र, शारीरिक शिक्षा तथा जीवविज्ञान में 100 में 100 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा और विषय पर गहरी पकड़ का परिचय दिया। इसके अतिरिक्त अनेक विषयों में विद्यार्थियों ने 95 से अधिक अंक प्राप्त कर समग्र और संतुलित प्रदर्शन को सिद्ध किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को चेयरमैन एवं एमएलसी सीतापुर पवन सिंह चैहान, उपाध्यक्ष पीयूष सिंह तथा उपाध्यक्ष (वाइस चेयरपर्सन) सुष्मिता सिंह द्वारा हार्दिक बधाई दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत लगन और संकल्प की सराहना करते हुए शिक्षकों एवं अभिभावकों के अमूल्य योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया, जिनके सतत मार्गदर्शन और सहयोग ने इस सफलता को संभव बनाया। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक मोनिका तिवारी ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गहरा गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ये परिणाम केवल अंक नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, उत्कृष्ट चरित्र और अपनी क्षमता पर अटूट विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास से परिपूर्ण कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
