आगरा। गांवों के विकास कार्यों में लापरवाही और मनमानी बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की गिरती रैंकिंग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनीष कुमार ने दो एडीओ पंचायत के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर उप निदेशक पंचायत राज को सौंप दिए हैं।डीपीआरओ ने बताया कि 15वें एवं पंचम वित्त आयोग के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा में विकास खंड फतेहपुर सीकरी की प्रगति अन्य ब्लॉकों की तुलना में काफी कम पाई गई। यहां भुगतान की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही। संबंधित एडीओ पंचायत एवं सचिवों द्वारा निर्देशों को गंभीरता से न लेने के कारण कार्यों की प्रगति प्रभावित हुई है।
इसके अलावा विकास खंड अकोला में तैनात एडीओ पंचायत की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आई है। अधिकारी विभागीय बैठकों एवं कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहते हैं और कार्यालय में भी समय से उपस्थित नहीं होते। इससे फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।
डीपीआरओ ने कहा कि अकोला जैसे महत्वपूर्ण ब्लॉक, जहां वीआईपी आवागमन रहता है और जो एयरपोर्ट के निकट स्थित है, वहां इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर कार्रवाई हेतु भेज दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में शिथिलता और मनमानी बरतने वाले एडीओ पंचायत, सचिवों एवं अन्य कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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