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नोएडा में साइबर फ्रॉड का शिकार हुआ एमबीए का छात्र! ठगे 91 लाख रुपये


नोएडा में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक एमबीए छात्र को निवेश के नाम 91 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया. ठगो ने पहले फर्जी ऐप के जरिए मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और फिर कैपिटल गेन टैक्स के नाम पर उसे जाल में फंसा लिया. जब पीड़ित छात्र ने अपनी रकम गंवाई तब जाकर उसे ठगी के बारे में जानकारी हुई, लेकिन तबतक देर हो चुकी थी. पीड़ित छात्र ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है.

जानकारी के मुताबिक ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाला एमबीए छात्र अपने घर से ही पढ़ाई और काम कर रहा था. मार्च के महीने में उसके मोबाइल पर एक लिंक आया, जिसमें एक निवेश ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया. शुरुआत में छात्र को यह एक सामान्य निवेश का मौका लगा, जैसे ही उसने ऐप डाउनलोड किया कुछ लोगों ने उससे संपर्क किया और खुद को एक नामी कंपनी का प्रतिनिधि बताया. उन्होंने दावा किया कि उनकी कंपनी शेयर बाजार और आईपीओ ट्रेडिंग में काम करती है और यह कंपनी रजिस्टर्ड है.

ठगों ने पहले छात्र से छोटी रकम निवेश कराई उसने करीब 50 हजार लगवाए कुछ ही समय में ऐप पर उसे अच्छा मुनाफा दिखाया गया. यही वह चाल थी जिसमें ठगो ने उसका भरोसा जीत लिया. ऐप पर बढ़ता हुआ बैलेंस देखकर छात्र को लगा कि वह सही जगह निवेश कर रहा है. इसके बाद उसने बड़ी रकम लगाने का फैसला कर लिया. ठग लगातार छात्र को गाइड करते रहे और ज्यादा मुनाफे का लालच देते रहे. इसी भरोसे में आकर उसने 5 मार्च से 12 मार्च के बीच के किस्तों में करीब 91.5 लाख रुपये निवेश कर दिए. ऐप पर उसे लगातार मुनाफा दिखाया जाता रहा जिससे उसका विश्वास और मजबूत हो गया.

इसके बाद जब छात्र ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की तो उसे पहले कहा गया की रकम एक दिन में खाते में आ जाएगी, लेकिन बाद में उसे बताया गया कि पैसे निकालने के लिए कैपिटल गेन टैक्स देना होगा. 30 मार्च को एक महिला ने उससे संपर्क कर 5.75 लाख रुपये टैक्स के नाम पर जमा करने को कहा. इसी से छात्र को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है. छात्र ने जब टैक्स से जुड़े लिंक को खोला तो उसे पता चला कि यह किसी फर्जी संस्थान से जुड़ा हुआ है. इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है, लेकिन तब तक वह 91.5 लाख रुपये से ज्यादा गवा चुका था.

इस घटना के बाद छात्र ने साइबर क्राइम पोर्टल और थाने में शिकायत दर्ज कराई है. डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने कहा कि जिन हाथों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं उनकी जानकारी जुटाई जा रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस ठगी के पीछे कौन लोग हैं, उनका नेटवर्क कितना बड़ा है.

उन्होंने कहा कि साइबर टीम लगातार ऐसे ठगों पर अपना नजर रखे हुए है, लेकिन फिर भी लोगों से अपील है कि वह किसी भी तरह के मोटे मुनाफे या लालच में आने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच कर लें. किसी भी एसएमएस लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड ना करें. अगर कोई फिर भी बार-बार परेशान कर रहा है तो उसकी शिकायत साइबर पोर्टल 1930 पर करें.

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