लखनऊः पारस हॉस्पिटल ने संजय सिंह को टीबी का मरीज बताकर वसूले 8 लाख रुपए, पुलिस व चिकित्सा अधिकारी से शिकायत
April 12, 2026
लखनऊ। लखनऊ जिले के बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र में स्थित पारस हॉस्पिटल के खिलाफ इलाज में गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। पीड़ित मरीज संजय सिंह ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले को लेकर पूरे इलाके में लोगो के बीच तेजी से चर्चा बनी हुई है। जिसको लेकर जमकर बवाल मचा हुआ है। बता दें कि लखनऊ के बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र में स्थित पारस हॉस्पिटल के खिलाफ इलाज में गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी के आरोप लगने की खबर उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि,पीड़ित मरीज संजय सिंह ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले को लेकर पूरे इलाके में लोगो के बीच तेजी से चर्चा बनी हुई है। जिसको लेकर जमकर बवाल मचा हुआ है। पीड़ित संजय सिंह का आरोप है कि, जब वह खुद की जांच कराने के लिए पारस हॉस्पिटल गए थे। तब उन्हें टीबी का मरीज बताकर गलत इलाज शुरू किया। उसके बाद में जब पीड़ित सरकारी अस्पताल जांच कराने पहुंचा। तब उसको यह मालूम हुआ कि,उसको टीवी जैसे कोई गंभीर बीमारी नहीं है। जिसके बाद पीड़ित को सारी बातें समझ मैं आ गई कि,कैसे पारस हॉस्पिटल वालो ने सिर्फ पैसे के लिए उनको टीबी का मरीज बताया था,ताकि,वह पीड़ित से मोटी रकम उसूल सके। यह बेहद ही शर्म की बात है कि,पैसो के लालच मै इतना बड़ा धोखा कोई कैसे दे सकता है। गलत इलाज और दवाओं के कारण मरीज का ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ गया। जिसके परिणामस्वरूप उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई है। पीड़ित से इलाज के नाम पर अस्पताल प्रबंधन ने लगभग 8 लाख रुपये वसूले है। जिसको लेकर पीड़ित के द्वारा न्याय की मांग के साथ अस्पताल प्रबंधन पर सख्ती से एक्शन लेने की बात कही जा रही है। ताकि,अगली बार किसी और मरीज के साथ ऐसी घटना न घटे। वहीं पीड़ित ने लखनऊ पुलिस और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अस्ताल का लाइसेंस रद्द करने और दोषी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित और उनके साथियों ने चेतावनी दी है कि, यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सीतापुर हाईवे स्थित अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। लखनऊ में निजी अस्पतालों की लापरवाही के ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिनमें सीएमओ कार्यालय ने जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले को लेकर पुलिस ने संज्ञान लिया है और पीड़ित के आरोपों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
