बीसलपुर। दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मीरपुर रतनपुर में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब गेहूं की नरई में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 400 बीघा गेहूं की फसल व नरई जलकर राख हो गई। इस भीषण अग्निकांड ने दर्जनों किसानों की मेहनत को कुछ ही पलों में तबाह कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब अधिकांश ग्रामीण अपने घरों में थे, तभी खेतों की ओर से उठते धुएं के गुबार ने लोगों का ध्यान खींचा। जब तक लोग मौके पर पहुंचते, तब तक तेज हवाओं के कारण आग एक खेत से दूसरे खेत में तेजी से फैल चुकी थी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के खेतों को अपनी चपेट में लेती चली गईं।गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तत्काल ट्रैक्टर और अन्य संसाधनों के साथ आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग की भयावहता के सामने उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। लपटों और धुएं के कारण खेतों के पास जाना भी मुश्किल हो गया था।इस अग्निकांड में मुख्य रूप से ओमेंद्र सिंह, राकेश सिंह, पप्पू सिंह, पप्पन सिंह और राजीव कुमार जैसे किसानों की बड़ी मात्रा में फसल जलकर नष्ट हो गई। इसके अलावा कई छोटे और सीमांत किसानों को भी भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। किसानों का कहना है कि यह फसल उनकी छह महीने की मेहनत और उम्मीदों का सहारा थी, जो अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाया और उसे गांव की आबादी की ओर बढ़ने से रोक लिया। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों में आशंका जताई जा रही है कि यह घटना किसी शरारती तत्व की साजिश भी हो सकती है, क्योंकि दिन के समय क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बंद रहती है।इस घटना के बाद प्रभावित किसानों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिल रही है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे की घोषणा पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
