कन्नौज। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार ने अवगत कराया है कि वर्ष 2026-27 के लिए जनपद मे लू-प्रकोप (हीट वेव) एवं सूखा प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना लागू की गई है। ग्रीष्मकाल में मार्च से जून (कभी-कभी जुलाई) तक असामान्य रूप से बढ़ा तापमान फसलों की वृद्धि फूल आने की प्रक्रिया तथा उत्पादन की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। लगातार तीन दिन तक सामान्य से 3°से. या अधिक तापमान रहने की स्थिति को हीट वेव माना जाता है जिससे पौधों का मुरझाना पत्तियों का झुलसना व फूलों का झड़ना जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
कृषकों को सलाह दी गई है कि वे फसलों मे सुबह एवं शाम हल्की बार-बार सिंचाई करें तथा ड्रिपध्बौछारी पद्धति अपनाएँ। खेत की नमी बनाए रखने हेतु भूसा पुआल या प्लास्टिक से मल्चिंग करें। टमाटर मिर्च बैंगन जैसी सब्जियों में शेड नेट का प्रयोग लाभकारी है। सूखा सहनशील व कम अवधि वाली किस्मों का चयन करें तथा जायद की फसलें बाजरा मक्का उर्द मूंग समय से बोयें। खरपतवार नियंत्रण रखें और गेहूं की कटाई दोपहर के स्थान पर सुबह-शाम करें।
पशुधन को छाया व पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराएं तथा पराली न जलाएं। सूखाध्अवर्षण की स्थिति मे कम अवधि वाली संकर बाजरा ज्वार उर्द मूंग व तिल की बुवाई करें। फसल की सहनशीलता बढ़ाने हेतु 2.5 कि.ग्रा. यूरिया व 2.5 कि.ग्रा. पोटाश का घोल प्रति हे. छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
साथ ही राजकीय नलकूपों को चालू रखने खराब नलकूपों की शीघ्र मरम्मत नहरों के रोस्टर का प्रभावी संचालन तथा अवैध कटानों पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि अंतिम छोर तक सिंचाई जल उपलब्ध हो सके।
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