
बीसलपुर। नगर के मोहल्ला दुबे से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां पोते की असमय मौत का गहरा सदमा एक वृद्धा सहन नहीं कर सकी और उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना से पूरे मोहल्ले में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहल्ला दुबे निवासी श्याम कली, पत्नी शालिगराम, के पोते हर्षित राठौर (18 वर्ष) की विगत 5 अप्रैल को एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बताया जाता है कि हर्षित अपने मित्र हर्ष राठौर के साथ किसी घरेलू कार्य से पीलीभीत गया था। वापस लौटते समय ग्राम जिरौनिया के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें हर्षित की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उसका मित्र घायल हो गया।इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। खासकर हर्षित की दादी श्याम कली इस घटना से पूरी तरह टूट गई थीं। परिजनों के अनुसार वह लगातार अपने पोते को याद कर रोती रहती थीं और मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं।रविवार दोपहर को अचानक श्याम कली घर से निकलकर पड़ोस में स्थित एक खाली मकान में चली गईं। काफी देर तक उनके वापस न आने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। जब खोजबीन करते हुए परिजन उस खाली मकान तक पहुंचे तो वहां का दृश्य देख सभी के होश उड़ गए। वृद्धा अचेत अवस्था में मिलीं, जिसके बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते परिवार को मानसिक सहयोग और परामर्श मिलता, तो शायद यह दुखद घटना टल सकती थी। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि दुख और तनाव के समय मानसिक सहारा और संवाद कितना जरूरी होता है।