बलिया। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया व कालाजार समेत अन्य संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया गया। 10 से 30 अप्रैल तक चलने वाले दस्तक अभियान के तहत आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी और संभावित मरीजों की पहचान कर स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करेंगी।
जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द कुमार सिंह एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार यादव ने जिला अस्पताल परिसर से किया। इस अवसर पर जनजागरूकता गोष्ठी एवं शपथ कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
वेक्टर जनित बीमारियों के नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक मिश्रा ने बताया कि अभियान के दौरान डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार सहित अन्य संचारी रोगों के लक्षण वाले मरीजों की पहचान पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही 10 से 30 अप्रैल तक चलने वाले दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया, जेई, एईएस, आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) तथा हीट वेव से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी।
उन्होंने बताया कि बुखार के रोगियों, आईएलआई के संभावित मरीजों, क्षय रोग के लक्षणयुक्त व्यक्तियों, फाइलेरिया, कालाजार, कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों एवं कुपोषित बच्चों का नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित पूरा विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे मकानों की भी सूची तैयार की जाएगी, जहां मच्छरों का प्रजनन पाया गया हो।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता माइक्रोप्लान के अनुसार सभी परिवारों का सर्वे कर आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) भी बनाएंगे और परिवारों को उनके आभा नंबर की जानकारी देंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी राजीव त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिससे वेक्टर जनित एवं जलजनित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए शासन द्वारा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, हीट वेव से बचाव हेतु शेल्टर, तथा सार्वजनिक स्थलों पर तापमान व मौसम संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, पंचायती राज, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, दिव्यांगजन कल्याण, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित अन्य विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे। इस पूरे अभियान में स्वास्थ्य विभाग नोडल की भूमिका में रहेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ सहयोगी संस्थाओं सी-फार एवं पाथ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
