उत्तराखड । जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने जानकारी देते हुए बताया कि भूस्खलन की घटना से ग्राम सेरी के 09 परिवारों के सुरक्षित विस्थापन हेतु भूमि की आवश्यकता चिन्हित की गई थी। इन परिवारों के पुनर्वास के लिए ग्राम सेरी में उपलब्ध श्रेणी-45 (9(3)) के अंतर्गत दर्ज राज्य सरकार की 0.135 हेक्टेयर गोचर भूमि के आवंटनध्हस्तांतरण के प्रस्ताव को शासन द्वारा अनुमोदित किया गया है। वहीं धनावटन की स्वीकृति पहले ही प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि यह स्वीकृति शासनादेश संख्या-1332 दिनांक 07 जुलाई 2014 एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत प्रदान की गई है, जिसके तहत गोचर एवं चराई भूमि का उपयोग लोक प्रयोजन हेतु किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान आवास स्थल सुरक्षा की दृष्टि से अनुपयुक्त पाए जाने के बाद प्रशासन द्वारा वैकल्पिक भूमि का चयन किया गया। पुनर्वास की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं स्थायी आवास उपलब्ध कराया जा सके।
जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है तथा पुनर्वास कार्य को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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