मीरा देवी ने एंट्री करप्शन को शिकायत करके पहले से ही प्लानिग कराई गई थी जिसमे आज बुद्धवार को रोड वेज बस स्टेण्ड में पकड़ा गया।
सोनभद्र। स्वास्थ्य विभाग के अंदर चल रहे भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है।सीएमओ कार्यालय से जुड़े एक संविदा कर्मी को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण और नवीनीकरण के नाम पर यह अवैध वसूली की जा रही थी।मिर्जापुर की रहने वाली शिकायतकर्ता मीरा देवी ने इसकी शिकायत की, जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया।कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और अब पूरे नेटवर्क की जांच शुरू हो गई है। राबर्ट्सगंज में रोडवेज परिसर के पास दोपहर करीब 1 बजकर 35 मिनट पर एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, जहां सीएमओ कार्यालय से जुड़े संविदा कर्मी चंचल यादव को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।दस्तावेजों के मुताबिक आरोपी डेटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर तैनात था और अल्ट्रासाउंड सेंटर के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था।मिर्जापुर के पीली कोठी निवासी शिकायतकर्ता मीरा देवी पत्नी रत्नेश कुमार शुक्ला से भी इसी काम के लिए रकम मांगी गई थी, जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया।जैसे ही आरोपी ने तय रकम ली, टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को राबर्ट्सगंज कोतवाली लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।इस पूरे ऑपरेशन को ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार चौरेसिया के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जिसमें कई अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है और अब इस बात की भी जांच तेज हो गई है कि इस अवैध वसूली के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, कहीं यह पूरा नेटवर्क तो नहीं।
