कौन है कमल सिंह जामवाल, जिसने फारूक अब्दुल्ला पर की फायरिंग?
March 12, 2026
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) पर बुधवार की रात जानलेवा हमला हुआ. वह जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान हमलावर ने बहुत करीब से पूर्व सीएम पर अपनी पिस्टल से फायरिंग कर दी. राहत की बात रही कि गोली किसी को नहीं लगी. वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत ही हमलावर को हिरासत में ले लिया. उसकी पहचान जम्मू के ही रहने वाले कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है.
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब फारूक अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी समारोह स्थल 'होटल रॉयल पार्क' से निकल रहे थे. हमलावर कमल सिंह जामवाल (Kamal Singh Jamwal) पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है. वह पिस्तौल लेकर फारूक अब्दुल्ला के पीछे पहुंचा और गोली चला दी. जम्मू कश्मीर पुलिस की सुरक्षा शाखा के दो अधिकारियों—एक इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर ने उसे काबू कर लिया.
डिप्टी सीएम चौधरी ने इस घटना को सुरक्षा में चूक बताया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि जामवाल की उम्र 70 साल से अधिक है. ये भी बताया गया कि हमले के समय जामवाल नशे की हालत में था. आरोपी ने पुलिस के सामने जो दावे किए हैं, उनसे वो भी हैरान है. जामवाल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले करीब 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि उसने इसे व्यक्तिगत एजेंडा बताया. सुरक्षाकर्मियों ने उसके पास से एक पिस्टल बरामद की है, जिसको वह लाइसेंसी बता रहा है
फारूक अब्दुल्ला और चौधरी JKNC के नेता बीएस चौहान को उनके बेटे की शादी पर बधाई देने आए थे और वे कार्यक्रम स्थल पर एक घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे. सिटी साउथ के पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, 'जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला की मौजूदगी में एक शादी समारोह में लाइसेंसी हथियार से गोलीबारी की घटना हुई. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है. इसमें आतंकी पहलू का कोई संदेह नहीं है.'
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पिता पर हुए हमले पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि अल्लाह मेहरबान है. मेरे पिता बाल-बाल बच गए. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि फिलहाल विवरण अस्पष्ट हैं, लेकिन जो ज्ञात है वह यह है कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ 'बिल्कुल करीब' आकर गोली चलाने में कामयाब हो गया. मुख्यमंत्री ने कहा, 'अंदरुनी घेरे के सुरक्षा दस्ते ने हमले के प्रयास को नाकाम कर दिया. इस समय जवाबों से ज्यादा सवाल हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि Z प्लस श्रेणी के साथ NSG सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति कैसे पहुंच गया
