पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने आरएन रवि
March 12, 2026
तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आरएन रवि अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बन गए हैं. कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल ने उन्हें राज्यपाल पद की शपथ दिलाई. इस समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी मौजूद रहे. आरएन रवि की नियुक्ति सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे के बाद हुई. उन्होंने बीते 5 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
आरएन रवि को ऐसे समय पर बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है, जब बंगाल की राजनीति में सियासी उठापटक चल रही है. अगले कुछ ही दिनों में चुनाव आयोग राज्य में चुनाव की तारीखों का ऐलान करने वाला है. आरएन रवि ने पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस की जगह ली है, जिन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. राष्ट्रपति द्रौपदी मु्र्मू ने हाल ही में कई राज्यपालों का फेरबदल किया, जिसके तहत रवि को तमिलनाडु से पश्चिम बंगाल भेजा गया है.
आरएन रवि का प्रशासनिक और सुरक्षा मामलों में लंबा अनुभव रहा है. वे 1976 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी रहे हैं और कई महत्वपूर्ण खुफिया तथा सुरक्षा एजेंसियों में जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में भी अहम भूमिका निभाई और कुछ समय के लिए भारत के उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy National Security Adviser) भी रहे.
बंगाल से पहले राज्यपाल बनने से पहले रवि नागालैंड और मेघालय के राज्यपाल भी रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में नागा शांति वार्ता में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें एक सख्त और निर्णायक अधिकारी माना जाता है. हालांकि उनकी नियुक्ति को लेकर राज्य की राजनीति में प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं और इसे केंद्र सरकार का राजनीतिक कदम बताया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच तालमेल राज्य की राजनीति और प्रशासन के लिए अहम रहेगा. आगामी चुनावों और राजनीतिक माहौल के बीच आरएन रवि की भूमिका बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
