सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नारामधईपुर में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर सुर्खियों में है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के किसी भी बिजली खंभे पर एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। रात होते ही पूरा गांव घने अंधेरे में डूब जाता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि -गांव की मुख्य सड़कों, गलियों और चैराहों पर पूर्ण अंधकार रहता है।रात में बाहर निकलना खतरनाक हो गया है, खासकर महिलाओं और छात्राओं के लिए।कई बार सांप-बिच्छू या अन्य खतरों का सामना करना पड़ता है।सड़क हादसों की आशंका बढ़ गई है क्योंकि वाहन चालक दूर तक नहीं देख पाते।ग्राम सभा में बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन या बिजली विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं (जैसे मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना या अन्य ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम) के तहत सोलर या सामान्य स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रावधान है, लेकिन नारामधईपुर में यह योजना कागजों तक ही सीमित रह गई। गांव में पहले से मौजूद बिजली के खंभे बेकार पड़े हैं, जबकि आस-पास के कई गांवों में स्ट्रीट लाइट जल रही हैं।यह समस्या ग्रामीण विकास की बड़ी खामी को उजागर करती है। ग्रामीणों की मांग है कि -तत्काल सभी प्रमुख खंभों पर स्ट्रीट लाइट (विशेषकर सोलर) लगाई जाएं।बिजली विभाग और ग्राम पंचायत द्वारा संयुक्त सर्वे कर समस्या का समाधान किया जाए।फंड आवंटन और कार्य की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच हो।
नारामधईपुर पहले भी सुर्खियों में रहा है, जहां खेल घर, खुला जीम, हर घर जल जैसी योजनाओं में भी धीमी प्रगति और अनियमितताओं की शिकायतें आई हैं। अब स्ट्रीट लाइट की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ा दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं, ताकि गांव अंधेरे से उबरे और सुरक्षित रातें जी सकें।यदि प्रशासन समय रहते ध्यान नहीं देगा, तो यह मामला एक और उदाहरण बन सकता है जहां ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पातीं।
