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हाथ पैरों की नसों में दर्द और ऐंठन क्यों होती है, क्या हैं इसके कारण, जानिए कैसे इसे ठीक करें


कई बार हाथ पैरों के अंदर नसों में दर्द जैसा महसूस होता है। जिसे हम ऐंठन कहते हैं। मांसपेशियों में ऐंठन को मांसपेशी फैसीकुलेशन के नाम से भी जाना जाता है। ऐंठन होने पर शरीर में छोटी मांसपेशियों का संकुचन होता है। कई बार मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन को लोग सामान्य बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और ध्यान नहीं देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में स्थिति चिंताजनक हो सकती है। ये तंत्रिका तंत्र से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी हो जाता है। आइये जानते हैं हाथ पैरों में ऐंठन होने के कारण और इसके लिए क्या करें।
हाथ पैरों में ऐंठन का कारण

विटामिन की कमी- इसका बड़ा कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी को भी माना जाता है। खासतौर से विटामिन डी, कैल्शियम और विटामिन बी12 की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। इससे पलकों, पिंडलियों और हाथों में दर्द के साथ ऐंठन महसूस होने लगती है।

डिहाइड्रेशन- अगर आपके शरीर में पानी की कमी है तो भी हाथ पैरों में ऐंठन की समस्या परेशान करने लगती है। शरीर में निर्जलीकरण से मांसपेशियों में संकुचन और ऐंठन आने लगती है। खासतौर से शरीर की बड़ी मांसपेशियों में इससे ऐंठन जैसी महसूस होती है। जो आपको पैर और हाथों में महसूस हो सकती है।

ज्यादा कैफीन और धूम्रपान- हाथ पैरों में ऐंठन का एक कारण ज्यादा सिगरेट और दूसरे म्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल करना भी है। इनमें निकोटीन पाया जाता है जो मांसपेशियों में ऐंठन पैदा कर सकता है। इसके अलावा ज्यादा कैफीन युक्त चीजें जैसे चाय कॉफी पीने से भी ऐसा हो सकता है।

तनाव- जब आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं और तनाव में रहते हैं तो इससे मांसपेशियों में ऐंठन जैसी महसूस होती है। इससे नर्वस सिस्टम पर बुरा असर होता है। शरीर की किसी भी मांसपेशी को ये प्रभावित कर सकता है।

शारीरिक गतिविधि- फिजिकल एक्टिविटी के बाद भी कुछ मामलों में मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है क्योंकि व्यायाम के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा हो जाता है। जिससे अक्सर हाथ पैर और पीठ ऐंठन और दर्द महसूस हो सकता है।
पैरों में ऐंठन दूर करने के उपाय

सबसे जरूरी है कि आप हेल्दी खाना खाएं, जिसमें ताजा फल और सब्जियां शामिल करें। इसके अलावा साबुत अनाज का सेवन करें। भरपूर मात्रा में प्रोटीन लें, पर्याप्त नींद लें और दिन में 8-10 गिलास पानी पीएं। तनाव को कम करने की कोशिश करें। रोजाना हल्के फुल्के व्यायाम जरूर करें। खाने में कैफीन का सेवन सीमित करें और धूम्रपान शराब पीना छोड़ दें। खाने में विटामिन बी12 से भरपूर चीजें शामिल करें। समस्या ठीक न होने पर डॉक्टर को दिखाएं।

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