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पीलीभीतः राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जनपद में गन्ना किसान गोष्ठी सम्पन्न आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर! राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार बोले -प्रगतिशील किसानों व बेहतर भुगतान करने वाली मिलों को मिलेगा सम्मान


पीलीभीत। जनपद में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत एक दिवसीय गन्ना किसान गोष्ठी का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों, वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (गन्ना एवं चीनी मिलें) संजय सिंह गंगवार उपस्थित रहे।अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने वाले प्रगतिशील किसानों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, वे चीनी मिलें भी पुरस्कृत होंगी जो किसानों को समयबद्ध एवं सर्वोत्तम मूल्य भुगतान सुनिश्चित करेंगी। इस दौरान उन्होंने गन्ना विकास परिषद के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण भी किया।मंत्री ने आधुनिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का किसान पहले से अधिक जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम हो चुका है। मोबाइल तकनीक के माध्यम से किसानों को मौसम, बीज, उर्वरक एवं योजनाओं की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो रही है, जिससे कृषि कार्यों में तेजी और सटीकता आई है।कार्यक्रम में उपगन्ना आयुक्त बरेली राजेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे मंडल में गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। साथ ही किसानों को समय से गन्ना पर्चियां वितरित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे गन्ना समितियों के संपर्क में रहकर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।कृषि विज्ञान केंद्र,  के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. ढाका ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि गन्ना बुवाई से पूर्व बीज का कवकनाशी से उपचार अत्यंत आवश्यक है। इससे फसल को रोगों से बचाया जा सकता है और अंकुरण दर में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जो अंततः उत्पादन क्षमता को बढ़ाती है।

प्रभारी उद्यान अधिकारी आर.डी. गंगवार ने ड्रिप सिंचाई प्रणाली के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस तकनीक से 80 से 85 प्रतिशत तक जल की बचत संभव है। इसके साथ ही फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।सहकारी गन्ना समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गोष्ठियां किसानों को नवीन तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वहीं प्रगतिशील किसान डॉ. हरमीत सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उचित प्रबंधन और वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर किसान 5 से 6 पेड़ी तक सफलतापूर्वक गन्ना उत्पादन कर सकते हैं।कार्यक्रम के समापन पर जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने कहा कि इस गोष्ठी के माध्यम से किसानों और वैज्ञानिकों के बीच जो संवाद स्थापित हुआ है, वह भविष्य में गन्ना उत्पादन और गुणवत्ता सुधार में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर  रामभद्र द्विवेदी,  मनोज साहू,  राजेश कुमार,  संजय श्रीवास्तव,  प्रदीप अग्निहोत्री सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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