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लखनऊः विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार में धांधली का आरोप, सांसद आर. के. चैधरी ने मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग की! अंतिम सूची से दो युवाओं का नाम हटने पर मचा बवाल, युवाओं और सामाजिक संगठनों में आक्रोश


लखनऊ। प्रदेश के प्रतिष्ठित विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार 2024 25 की चयन प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। चयन सूची में कथित धांधली और अनियमितता के आरोप लगने के बाद मामला अब राजनीतिक स्तर तक पहुंच गया है। मोहनलालगंज के सांसद आर. के. चैधरी ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उच्चस्तरीय जांच कराने व देवरिया लोकसभा से भाजपा सांसद शशांक मणि ने प्रमुख सचिव तथा सलेमपुर लोकसभा से सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने केंद्रीय मंत्री युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक चयन सूची में शामिल जनपद लखनऊ के अवधेश कुमार तथा जनपद देवरिया के देवानंद राय का नाम अंतिम सूची जारी होने से पहले हटा दिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों युवाओं के नाम पहले चयनित सूची में शामिल थे, लेकिन अंतिम सूची में अचानक नाम हटाए जाने से युवाओं और सामाजिक संगठनों के बीच असंतोष और आक्रोश का माहौल बन गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद सांसद आर. के. चैधरी, सांसद शशांक मणि व सांसद रमाशंकर राजभर ने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। सभी ने कहा कि युवाओं के सम्मान से जुड़े इस तरह के प्रतिष्ठित पुरस्कार में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या धांधली हुई है तो इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।  गौरतलब है कि विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है। यह सम्मान हर वर्ष 12 जनवरी, राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रदेश के  मुख्यमंत्री  के करकमलों द्वारा प्रदान किया जाता है। लेकिन इस वर्ष पुरस्कार वितरण से पहले ही चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों ने कार्यक्रम को पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। युवाओं का कहना है कि यदि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं होगी तो ऐसे सम्मान की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। तीनों सांसदों द्वारा भेजे पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। सभी ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। पुरस्कार से वंचित युवाओं को सम्मानित किया जाना चाहिए।

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