मुसाफिरखाना: ईरान में तनाव! आधा दर्जन से अधिक छात्र फंसे, परिजनों में मचा कोहराम
March 02, 2026
मुसाफिरखाना/अमेठी। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की शहादत और अमेरिका इजरायल के साथ जारी युद्ध की खबरों ने अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना क्षेत्र स्थित भनोली गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। गांव के लगभग आधा दर्जन से अधिक छात्र और शोधार्थी इस समय ईरान में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत हैं, जिनसे बीते कुछ समय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। परिजनों का कहना है कि अचानक फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद होने से बच्चों से बातचीत नहीं हो पा रही है। इससे परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गांव में कई घरों में मातम जैसा माहौल है। माता-पिता और परिजन अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और उनकी सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। भनोली गांव के अब्बास और उनकी पत्नी सबिका दोनों ईरान में शोध कार्य कर रहे हैं। वहीं जवाद हुसैन, इमाम अली, तहरीक फातिमा और सदफ फातिमा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार, आखिरी बार बातचीत के दौरान वहां के हालात सामान्य नहीं होने की बात कही गई थी, उसके बाद से संपर्क पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि भारतीय दूतावास के माध्यम से तत्काल पहल कर वहां फंसे छात्रों और शोधार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए। पूरे गांव की निगाह अब सरकार की कार्रवाई पर टिकी है। जब तक बच्चों की सुरक्षित वापसी नहीं हो जाती, तब तक परिवारों की चिंता कम होती नहीं दिख रही।
