बलिया। दुबहर के नगवां स्थित शहीद मंगल पांडेय राजकीय महिला महाविद्यालय में ‘मंगल पांडेय क्रांति दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
मंगल पांडेय विचार सेवा समिति के तत्वावधान में नगवां स्थित शहीद मंगल पांडेय राजकीय महिला महाविद्यालय के सभागार में ‘मंगल पांडेय क्रांति दिवस’ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने मंगल पांडेय के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा एवं विशिष्ट अतिथि अखिलानंद तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से मंगल पांडेय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर की गई।
अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष एवं मध्यान्ह भोजन के जिला समन्वयक अजीत पाठक ने माल्यार्पण एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया।
मुख्य अतिथि शशिकांत मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि बलिया की धरती ने सदैव अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद की है। मंगल पांडे ने अपने प्राणों की आहुति देकर यह संदेश दिया कि धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने उन्हें आजादी की लड़ाई का वास्तविक सूत्रधार बताया।
विशिष्ट अतिथि मदन संस्थान के अध्यक्ष अखिलानंद तिवारी ने कहा कि शहीद मंगल पांडेय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे। उन्होंने जीवन को सार्थक बनाने के लिए सामाजिक कार्यों से जुड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रदेश महासचिव पुष्पेंद्र तिवारी ‘सिंधु’ ने कहा कि मंगल पांडे अत्याचार के विरुद्ध विद्रोह के प्रतीक थे। उन्होंने युवाओं से उनके विचारों को आत्मसात करने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। सभा को रणजीत सिंह, गणेश जी सिंह, धनजी यादव, भुवनेश्वर पासवान और विवेक सिंह सहित कई वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विश्वनाथ पांडेय, शंकर प्रसाद चैरसिया, बच्चन जी प्रसाद, डॉ. ओम प्रकाश पाठक, अजीत पाठक, संदीप गुप्ता, श्री भगवान साहनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष कृष्ण कांत पाठक ने की, जबकि संचालन नितेश पाठक ने किया।
