इंसानियत शर्मसार: दोनों किडनियां हुईं खराब तो श्मशान में छोड़ गई पत्नी
March 20, 2026
कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जो भीतर तक हिला देती हैं. जगतियाल शहर में ऐसी ही एक घटना सामने आई है, जिसे पढ़कर आंखें नम हो जाती हैं और मन में एक गहरी बेचैनी बैठ जाती है. श्रीधर नाम के एक व्यक्ति की दोनों किडनियां खराब हो चुकी थी. वे मौत और ज़िंदगी के बीच उस कगार पर खड़े थे, जहां हर सांस एक संघर्ष साबित हो रही थी. ऐसी हालत में जिस इंसान का हाथ थामे रहना सबसे ज़रूरी था, वही पत्नी उन्हें श्मशान घाट पर अकेला छोड़कर चली गई. न कोई बात, न कोई वजह बस एक बीमार इंसान को उस जगह छोड़ दिया, जहां लाशें आती हैं.
यह सोचकर भी रूह कांप जाती है कि श्रीधर उस वक्त कैसा महसूस कर रहे होंगे. शरीर पहले से टूटा हुआ और अब अपनों का यह धोखा. श्मशान की उस सुनसान जगह में एक गंभीर बीमार इंसान बेबस पड़ा था, लेकिन इस दर्दनाक कहानी में एक उम्मीद की किरण भी है. कुछ स्थानीय लोगों की नज़र श्रीधर पर पड़ी. उन्होंने देखा कि एक बीमार इंसान, वहां अकेला पड़ा है. बिना एक पल गंवाए उन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाया. इन अनजान लोगों ने वह किया जो अपनों ने नहीं किया. उन्होंने उसकी जान बचाई.
यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है. क्या बीमारी इतनी लंबी खिंची कि पत्नी थक गई? क्या परिवार में कोई और संकट था या फिर यह महज़ वह बेरहमी है, जो कभी-कभी सबसे करीबी रिश्तों में भी घर कर लेती है? पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. श्रीधर अभी भी ज़िंदगी की जंग लड़ रहे हैं. अब उनकी दुश्मन सिर्फ बीमारी नहीं, अकेलापन और टूटा हुआ भरोसा भी है. जो लोग उन्हें अस्पताल ले गए. वे नाम न जानते हुए भी उस दिन इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बने.
