रथयात्रा का प्रमुख आकर्षण वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार सजे हुए कृत्रिम श्वेत हाथी एवं घोड़े वाले रथ रहे। विशेष बात यह रही कि इन रथों को मशीनों के बजाय छोटे-छोटे बालक-बालिकाओं द्वारा नंगे पैर अपने हाथों से खींचा गया, जो श्रद्धा, समर्पण और आस्था का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस अनूठी परंपरा को देखकर उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो गया और वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मुख्य अतिथि ने कहा कि यह आयोजन मात्र एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जैन समाज की अपने आराध्य भगवान महावीर स्वामी के प्रति गहरी आस्था और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने सभी से भगवान महावीर के “जियो और जीने दो” के संदेश को आत्मसात कर विश्व शांति और कल्याण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, प्रदीप जैन (च्छब्), चक्रेश जैन, योगेश जैन सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
