शैलेन्द्र प्रताप सिंह
अमेठी। आदर्श नगर पंचायत अमेठी में प्रतापगढ़ रोड से दुर्गापुर रोड को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति से शहरवासी परेशान हैं। रामलीला मैदान होते हुए गुजरने वाले इस मार्ग पर नवीनीकरण कार्य के दौरान बोल्डर डालकर सड़क को अधूरा छोड़ दिए जाने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड अमेठी द्वारा सड़क के नवीनीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद ठेकेदार ने सड़क पर बोल्डर तो डाल दिए, लेकिन अब तक उस पर रोलर नहीं चलाया गया। इससे सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर बिखरे पड़े हैं और साइकिल सवारों, पैदल राहगीरों तथा चार पहिया वाहनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। सड़क की पटरी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इस मार्ग से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, श्री शिव प्रताप इंटरमीडिएट कॉलेज और आरआरपीजी कॉलेज के छात्र-छात्राएं रोजाना गुजरते हैं, जिन्हें आवागमन में दिक्कत हो रही है। वहीं बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों दिवाकर पाण्डेय, अशोक कुमार शुक्ल, विनीत कुमार शुक्ल, राजकुमार पाण्डेय, महाबीर, राजकुमार शर्मा, उदय राज यादव और भारत धुरिया समेत कई लोगों ने जिलाधिकारी संजय चैहान से सड़क की समस्या दूर कराने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराने की मांग की है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता का कहना है कि सड़क पर बोल्डर डालने के बाद रोलर से कुटाई कराई जाएगी और इसके लिए ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि सरकार से सड़क के नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए बजट स्वीकृत हुआ है और कार्य प्रगति पर है। यदि बोल्डर की कुटाई न होने की शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जनहित की अनदेखी नहीं होने दीजनपद में अधिकारियों की लापरवाही के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में अक्सर अधिकारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं रहते, जिसके कारण काम से आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई मामलों में तो लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ता है। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और सरकारी कामकाज सुचारु रूप से चल सके।
