11 मार्च को चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और बुधवार का दिन है। अष्टमी तिथि बुधवार को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। 11 मार्च को सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक वज्र योग रहेगा, उसके बाद सिद्धि योग लग जाएगा। साथ ही बुधवार को रात 10 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 11 मार्च को शीतलाष्टमी व्रत रखा जाएगा है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
11 मार्च 2026 का शुभ मुहूर्त
चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि- 11 मार्च 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 20 मिनट तक
वज्र योग- 11 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक वज्र योग रहेगा, उसके बाद सिद्धि योग लग जाएगा
ज्येष्ठा नक्षत्र- 11 मार्च 2026 को रात 10 बजे तक
11 मार्च 2026 व्रत-त्यौहार- शीतलाष्टमी व्रत
शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त- 06:50 ए एम से 06:47 पी एम
शीतलाष्टमी 2026 के दिन शुभ मुहूर्त
वज्र योग- 11 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक वज्र योग रहेगा, उसके बाद सिद्धि योग लग जाएगा
ज्येष्ठा नक्षत्र- 11 मार्च 2026 को रात 10 बजे तक
11 मार्च 2026 व्रत-त्यौहार- शीतलाष्टमी व्रत
शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त- 06:50 ए एम से 06:47 पी एम
शीतलाष्टमी 2026 के दिन शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 05:14 ए एम से 06:02 ए एम
प्रातः सन्ध्या 05:38 ए एम से 06:50 ए एम
अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
विजय मुहूर्त- 02:48 पी एम से 03:36 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 06:45 पी एम से 07:09 पी एम
सायाह्न संध्या- 06:47 पी एम से 07:59 पी एम
राहुकाल का समय
प्रातः सन्ध्या 05:38 ए एम से 06:50 ए एम
अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
विजय मुहूर्त- 02:48 पी एम से 03:36 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 06:45 पी एम से 07:09 पी एम
सायाह्न संध्या- 06:47 पी एम से 07:59 पी एम
राहुकाल का समय
दिल्ली- दोपहर 12:31 से दोपहर 02:00 तक
मुंबई- दोपहर 12:49 से दोपहर 02:18 तक
चंडीगढ़- दोपहर 12:33 से दोपहर 02:02 तक
लखनऊ- दोपहर 12:17 से दोपहर 01:46 तक
भोपाल- दोपहर 12:30 से दोपहर 02:00 तक
कोलकाता- दोपहर पहले 11:47 से दोपहर 01:16 तक
अहमदाबाद- दोपहर 12:50 से दोपहर 02:19 तक
चेन्नई- दोपहर 12:19 से दोपहर 01:49 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
मुंबई- दोपहर 12:49 से दोपहर 02:18 तक
चंडीगढ़- दोपहर 12:33 से दोपहर 02:02 तक
लखनऊ- दोपहर 12:17 से दोपहर 01:46 तक
भोपाल- दोपहर 12:30 से दोपहर 02:00 तक
कोलकाता- दोपहर पहले 11:47 से दोपहर 01:16 तक
अहमदाबाद- दोपहर 12:50 से दोपहर 02:19 तक
चेन्नई- दोपहर 12:19 से दोपहर 01:49 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
सूर्योदय- सुबह 06:35 बजे
सूर्यास्त- शाम 6:26 बजे
शीतलाष्टमी व्रत महत्व
मंगलवार को श्री शीतलाष्टमी का व्रत किया जाएगा। शीतला अष्टमी को बसोड़ा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन माता शीतला की उपासना का दिन है। शीतलाष्टमी के दिन देवी मां की विधि-पूर्वक पूजा करके उन्हें बासी भोजन का भोग लगाने की परंपरा है। साथ ही खुद भी प्रसाद के रूप में बासी भोजन का सेवन करना चाहिए और देवी मां का आशीर्वाद लेना चाहिए। शीतला अष्टमी के दिन ऐसा करने से व्यक्ति हष्ट-पुष्ट बना रहता है, उसे किसी तरह के रोग या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।
सूर्यास्त- शाम 6:26 बजे
शीतलाष्टमी व्रत महत्व
मंगलवार को श्री शीतलाष्टमी का व्रत किया जाएगा। शीतला अष्टमी को बसोड़ा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन माता शीतला की उपासना का दिन है। शीतलाष्टमी के दिन देवी मां की विधि-पूर्वक पूजा करके उन्हें बासी भोजन का भोग लगाने की परंपरा है। साथ ही खुद भी प्रसाद के रूप में बासी भोजन का सेवन करना चाहिए और देवी मां का आशीर्वाद लेना चाहिए। शीतला अष्टमी के दिन ऐसा करने से व्यक्ति हष्ट-पुष्ट बना रहता है, उसे किसी तरह के रोग या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।
