आगरा। छावनी वेलफेयर सोसाइटी आगरा ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर रक्षा संपदा कार्यालय (डीईओ) आगरा में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात टेक्निकल विभाग के कर्मचारियों के तबादले की मांग की है। सोसाइटी का कहना है कि विभाग में कई एसडीओ और अन्य कर्मचारी पिछले 5 से 7 वर्षों से तथाकथित “मलाईदार सीटों” पर जमे हुए हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
सोसाइटी के अनुसार केंद्र सरकार की ट्रांसफर नीति के तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी को एक ही जिले में दो से ढाई वर्ष से अधिक समय तक तैनात नहीं रहना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद कई अधिकारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। संगठन का आरोप है कि इन अधिकारियों की जिम्मेदारी भारत सरकार की जमीनों पर अवैध निर्माण, सरकारी बंगलों की खरीद-फरोख्त और अन्य अनियमित गतिविधियों को रोकना है, लेकिन कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी की जा रही है।
सोसाइटी ने आरोप लगाया कि मनकामेश्वर मंदिर क्षेत्र, दरेसी नंबर-12, बालूगंज, नामनेर, प्रतापपुरा, आगरा किला, बिजलीघर और कटघर जैसे प्रमुख बाजारों में कमर्शियल दुकानों से त्योहारों के समय अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती रहती हैं। आरोप है कि यदि कोई व्यापारी कथित मांग पूरी नहीं करता तो उसे दुकान सील कराने की धमकी दी जाती है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि जब इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता या आरटीआई एक्टिविस्ट उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो उन्हें फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर धमकाया जाता है।
छावनी वेलफेयर सोसाइटी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री से मांग की है कि रक्षा संपदा कार्यालय आगरा के टेक्निकल विभाग में लंबे समय से तैनात सभी संबंधित एसडीओ व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से आगरा मंडल से हटाकर दिल्ली या लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया जाए, ताकि विभाग में पारदर्शिता स्थापित हो सके और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके।
