आगरा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर दिनांक 7 मार्च 2026 को सिंहवाहिनी उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में “भारतीय कामकाजी महिलाओं की दोहरी जिम्मेदारी (भूमिका संघर्ष)” विषय पर एक प्रेरणादायक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. मंजू भदौरिया (अध्यक्ष, जिला पंचायत) द्वारा माँ भवानी और माँ भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत में नारी को प्रकृति स्वरूपा माना गया है और स्त्री के बिना कोई भी शुभ कार्य संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण में आर्थिक स्वावलंबन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. कौरवी भारद्वाज (प्रोफेसर, एस.एन. मेडिकल कॉलेज) ने कहा कि भारतीय महिलाओं के लिए वर्ष के 365 दिन ही महिला दिवस के समान होते हैं, क्योंकि वे पूरे समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं। उन्होंने महिलाओं को परिवार के स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. रानी परिहार (प्रांतीय अध्यक्ष) ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वत्व और सामर्थ्य को पहचानना होगा। आज महिलाओं के सामने अवसरों का खुला आकाश है, जिसमें उन्हें शिक्षा रूपी पंखों से नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना है। उन्होंने समाज, संस्कृति, परंपरा और इतिहास को स्त्री दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित रश्मि शर्मा, सिंहवाहिनी उत्तर प्रदेश की सक्रिय सदस्य ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी शक्ति पहचानने और समाज में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि वह समाज में महिलाओं की जागरूकता, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने का प्रयास कर रही हैं।कार्यक्रम के अंत में महिलाओं के योगदान को सराहते हुए उन्हें सम्मानित भी किया गया।
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