मुसाफिरखाना: हजरत अली की शहादत की याद में भनौली में जुलूस ! रात भर गूंजती रहीं या अली मौला की सदाएं
March 11, 2026
मुसाफिरखाना/अमेठी। क्षेत्र के भनौली गांव में मंगलवार की रात हजरत अली की शहादत की याद में गमगीन माहौल के बीच जुलूस निकाला गया। जुलूस जामा मस्जिद इमामबाग से शुरू होकर बड़े इमामबाड़े पर संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान अजादारों ने हजरत अली का प्रतीकात्मक ताबूत उठाया और “या अली मौला, हैदर मौला” की सदाओं के साथ मातम किया। काले कपड़े पहने अजादारों ने गम का इजहार करते हुए मौला अली की याद को ताजा किया। इस दौरान नौहख्वानों ने दर्द भरे नौहे पढ़कर माहौल को और भी गमगीन बना दिया। जुलूस रात लगभग 10 बजे जामा मस्जिद इमामबाग से निकलकर इसौली मार्ग से होते हुए देर रात करीब 2 बजे बड़े इमामबाड़े पहुंचा। वहां एक मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें मौलाना गौहर अब्बास ने खतिाब करते हुए मौला अली के मसायब बयान किए और उनके जीवन तथा कुर्बानियों पर प्रकाश डाला। बुधवार देर रात एक जुलूस छोटी मस्जिद से छोटे इमामबाड़े तक निकाला गया। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। क्षेत्राधिकारी और कोतवाल मुसाफिरखाना के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। गौरतलब है कि इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 21 रमजान को शिया मुसलमानों के पहले इमाम और पैगंबर हजरत मोहम्मद के दामाद हजरत अली की शहादत हुई थी। उनकी याद में दुनिया भर के शिया मुसलमान काले कपड़े पहनकर अजादारी करते हैं और मजलिसों व जुलूसों के माध्यम से उन्हें खरिाज-ए-अकीदत पेश करते हैं।
