लखनऊ: स्वास्थ्य विभाग का 18 मार्च से फाइलेरिया जांच अभियान शुरू, 12 टीमें करेंगी रात्रि सर्वेक्षण! सीएमओ की अध्यक्षता में हुआ टीमों का प्रशिक्षण
March 17, 2026
लखनऊ/लखीमपुर खीरी । फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी कर ली है। 18 मार्च से जिले के तीन ब्लॉकों और शहरी क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षित टीमें रात में घर-घर जाकर रक्त जांच करेंगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ब्लॉक बिजुआ, निघासन, मितौली एवं अर्बन क्षेत्र में “फाइलेरिया जांच-2” कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इसके लिए कुल 12 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक ब्लॉक से 6 सदस्यीय 3 टीमें बनाई गई हैं, एक टीम में एक चिकित्सक, चार पैरामेडिकल स्टाफ एवं एक फ्रंटलाइन वर्कर (आशाध्आंगनबाड़ी) शामिल है।कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सोमवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें जिला मलेरिया अधिकारी हरि शंकर एवं डॉ. राहुल द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमितेश द्विवेदी, सहायक मलेरिया अधिकारी दावा लामा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।सीएमओ ने बताया कि यह जांच अभियान 18 मार्च से शुरू होकर चयनित 30 क्लस्टरध्साइट पर संचालित किया जाएगा। खास बात यह है कि फाइलेरिया की पुष्टि के लिए रात्रि 10 बजे के बाद एनबीएस (नाइट ब्लड सर्वे) किया जाएगा, क्योंकि इस समय रोग के परजीवी रक्त में सक्रिय रहते हैं।फाइलेरिया एक संक्रामक रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। यह रोग शरीर के लसीका तंत्र (लिम्फेटिक सिस्टम) को प्रभावित करता है, जिससे हाथ, पैर या जननांगों में असामान्य सूजन (हाथीपांव) हो सकती है। गंदगी, जलभराव और मच्छरों की अधिकता इसके प्रमुख कारण हैं।हाथ-पैर में सूजन, बुखार और दर्द, त्वचा का मोटा होना, कमजोरी और असहजता ये फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं स फाइलेरिया का इलाज नहीं बचाव संभव है। सरकार द्वारा दी जाने वाली दवाएं (डीईसी और एल्बेंडाजोल) नियमित रूप से लेने से इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, साफ-सफाई, जलभराव रोकना और समय-समय पर चलने वाले दवा वितरण कार्यक्रम में भाग लेना जरूरी है।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जांच टीमों का सहयोग करें और निर्धारित समय पर अपनी जांच अवश्य कराएं, ताकि फाइलेरिया मुक्त जनपद का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
