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पीलीभीतः होली पर बाजारों में उमड़ा उत्साह, एक हफ्ते में 10 करोड़ से अधिक का कारोबार! कपड़ा बाजार में सबसे ज्यादा रौनक, पांच करोड़ से अधिक की बिक्री


पीलीभीत। रंगों के त्योहार होली के मौके पर जिले के बाजारों में इस बार जबरदस्त रौनक देखने को मिली। शहर के साथ-साथ कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। एक सप्ताह तक चली खरीदारी के दौरान कपड़े, क्रॉकरी, मिष्ठान, अबीर-गुलाल और अन्य त्योहार से जुड़ी वस्तुओं की जमकर बिक्री हुई। कारोबारियों के अनुसार इस बार जिले में होली के अवसर पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 प्रतिशत अधिक माना जा रहा है।

त्योहार की आहट के साथ ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गई थी। शहर के मुख्य बाजारों के अलावा पूरनपुर, बीसलपुर, बरखेड़ा और अमरिया सहित अन्य कस्बों के बाजारों में भी ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। कपड़ों की दुकानों से लेकर मिठाई और रंग-गुलाल बेचने वाले व्यापारियों के यहां ग्राहकों की लंबी कतारें दिखाई दीं। त्योहार के कारण बाजार देर रात तक खुले रहे और दुकानदारों ने भी ग्राहकों की मांग को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में सामान की व्यवस्था की थी।


होली के अवसर पर सबसे अधिक रौनक कपड़ा बाजार में देखने को मिली। त्योहार के एक सप्ताह पहले से ही लोग नए कपड़े खरीदने के लिए बाजार पहुंचने लगे थे। युवक-युवतियों, महिलाओं और बुजुर्गों ने परिवार के साथ बाजारों में खरीदारी की। रेडीमेड गारमेंट्स के साथ-साथ बच्चों के कपड़ों की भी अच्छी बिक्री हुई।

त्योहार से दो दिन पहले तो कपड़ों की दुकानों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। दुकानदारों को ग्राहकों को संभालने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था करनी पड़ी। व्यापारियों का कहना है कि इस बार जिले में कपड़ा बाजार का कारोबार लगभग पांच करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो कुल व्यापार का सबसे बड़ा हिस्सा रहा।

होली के मौके पर मिठाइयों और पारंपरिक पकवानों की भी खूब मांग रही। बाजारों में तैयार गुझिया, नमकीन और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की बिक्री तेज रही। इसके साथ ही घरेलू स्तर पर गुझिया और अन्य पकवान बनाने के लिए मावा, सूखे मेवे और चीनी की भी जमकर खरीदारी हुई।

मिष्ठान विक्रेताओं के अनुसार त्योहार के दौरान क्विंटलों के हिसाब से मावा और मिठाइयों की बिक्री हुई। कई लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों को उपहार स्वरूप मिठाइयों के पैकेट भी भेंट किए। कारोबारियों का अनुमान है कि केवल मिष्ठान और गुझिया के कारोबार से ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।

होली के रंगों को लेकर भी बाजारों में खास उत्साह देखा गया। प्राकृतिक और हर्बल रंगों के साथ-साथ पारंपरिक अबीर-गुलाल की खूब बिक्री हुई। बच्चों के लिए पिचकारी, रंगीन गुब्बारे और अन्य खिलौनों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ लगी रही।

कुल मिलाकर इस बार होली के त्योहार ने जिले के व्यापारियों के चेहरे खिला दिए। ग्राहकों की बढ़ती खरीदारी से बाजारों में रौनक बनी रही और व्यापारियों को उम्मीद से अधिक कारोबार प्राप्त हुआ।

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