बलिया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवाचार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सनबीम स्कूल ने एक बार फिर विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विद्यालय के दो मेधावी छात्रों का चयन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘इंस्पायर मानक अवार्ड 2025-26’ के लिए हुआ है, जिससे विद्यालय के साथ-साथ जनपद का नाम भी गौरवान्वित हुआ है।
विद्यालय के छात्र आयुष सिंह (कक्षा 12) और दीपक कुमार (कक्षा 11) का चयन उनके अभिनव और उपयोगी वैज्ञानिक प्रोजेक्ट के आधार पर किया गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से दोनों छात्रों को अपनी परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर तक विकसित करने के लिए ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। अब ये दोनों छात्र मंडल और राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में अपने नवाचार प्रस्तुत करते हुए बलिया का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इससे पूर्व भी विद्यालय के छात्रों ने इंस्पायर मानक अवार्ड में लगातार सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वर्ष 2020-21 में अनुपम मिश्रा और अक्ष मिश्रा, 2023-24 में गुनगुन वर्मा और अथर्व मिश्रा तथा 2024-25 में सृष्टि गुप्ता इस सम्मान से अलंकृत हो चुके हैं। पिछले आठ वर्षों से विद्यालय के छात्र नियमित रूप से इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं और पिछले पांच वर्षों से लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं।
विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से पूरे विद्यालय परिवार में हर्ष का वातावरण है। विद्यालय निदेशक डॉ. कुंवर अरुण सिंह ने कहा कि यह सफलता केवल छात्रों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उस शिक्षण पद्धति की जीत है जो रटने की बजाय नवाचार, प्रयोग और समस्या समाधान पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षार्थी तैयार करना नहीं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिक और शोधकर्ता तैयार करना है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. अर्पिता सिंह ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का अनमोल उपहार बताते हुए कहा कि जिज्ञासा ही विज्ञान की जननी है और विद्यालय का प्रयास छात्रों में तार्किक सोच और अनुसंधान की प्रवृत्ति विकसित करना है। उन्होंने छात्रों के मार्गदर्शन के लिए वरिष्ठ समन्वयक पंकज सिंह, मेंटर नीरज सिंह तथा समस्त शिक्षकों के योगदान की सराहना की।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, छात्रों को नवाचार आधारित गतिविधियों, विज्ञान प्रयोगों और प्रोजेक्ट कार्यों के लिए विशेष संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उनकी वैज्ञानिक सोच को व्यवहारिक रूप मिल सके। आने वाले समय में भी विद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करता रहेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान और अनुसंधान की ओर प्रेरित करती हैं। आयुष और दीपक की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर मिलें तो छोटे शहरों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।
