अपराधी ने पुलिस को फोन पर दी धमकी, कहा- '10 से 15 पुलिसकर्मियों की हत्या करेंगे', भीषण एनकाउंटर में दो आरोपी ढेर
March 17, 2026
बिहार के मोतिहारी जिले में चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में मंगलवार की सुबह लगभग 2:30 बजे पुलिस STF और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। पुलिस की घेराबंदी के दौरान अपराधियों ने गोलीबारी की जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दो कुख्यात अपराधी ढेर कर दिए गए हैं। हालांकि, इस एनकाउंटर के दौरान एसटीएफ का एक जवान भी शहीद हो गया है। बता दें कि इससे पहले अपराधियों ने 10 से 15 पुलिसकर्मियों की हत्या करने की धमकी दी थी।
जानकारी के मुताबिक, पूर्वी चम्पारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में दो दिन पहले अपर थानाध्यक्ष को अपराधी कुंदन ठाकुर ने फोन पर धमकी दी थी और दस से पंद्रह पुलिसकर्मियों की हत्या करने की बात कही थी। इसके बाद मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में अपराधियों को होने की सूचना पर घेराबंदी की गई। पुलिस की भनक लगते ही अपराधियों ने उनपर गोली चलाना शुरू कर दिया। इसमें अपराधियों की गोली एसटीएफ जवान राम यादव को लग गई। वहीं, पुलिस ने भी जबाबी कार्रवाई में गोली चलाई जिसमें कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे ढेर हो गया।
पुलिस ने घटनास्थल से एक कार्बाइन, दो कट्टा, दो देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस के साथ 17 खोखा बरामद किया है। घटना के बाद बेतिया प्रक्षेत्र DIG एवं मोतिहारी पुलिस अधीक्षक मौके पर पूरी घटना की छानबीन में जुट गए है।
घटना की जानकारी मिलते ही बेतिया परिक्षेत्र के DIG हरिकिशोर राय मोतिहारी पहुंचे। उन्होंने कहा- "पुलिस को सूचना मिली थी कि अपराधी चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में एकत्रित हुए है जिसका सत्यापन लेकर मोतिहारी पुलिस और STF के जवान वहां पर पहुंचे। इसी बीच पुलिस की भनक लगते ही अपराधियों ने गोली चलाना शुरू कर दिया। इस घटना में एसटीएफ जवान को गोली लगी और वह बुरी तरह घायल हो गया। वहीं, पुलिस की जबाबी कार्रवाई में 2 अपराधियों को गोली लगी। सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दोनों मृतक अपराधियों पर आर्म्स एक्ट समेत कई मामले पूर्व से दर्ज हैं जिनकी तलाश मोतिहारी पुलिस को थी।"
मोतिहारी एनकाउंटर पर बिहार के DGP विनय कुमार ने कहा- "कल एक अपराधी के द्वारा जो संभवत: वही अपराधी है जिनकी मुठभेड़ के क्रम में मृत्यु हुई है, SHO को कॉल के माध्यम से धमकी दी गई कि 'हम पुलिसकर्मियों की लाश बिछा देंगे'। वो नंबर नेपाल का था जिसे ट्रेस किया गया, अपराधियों के ठिकाने का पता लगाया गया और रात्रि के दौरान छापेमारी आयोजित की गई। जब पुलिस के द्वारा घेराबंदी की गई और पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण करने की घोषणा की गई तो उन्होंने आत्मसमर्पण ना करते हुए दरवाजा नहीं खोला। वे खिड़की से फायरिंग करने लगे। फायरिंग के दौरान हमारे एक जवान को गोली लगी और अपराध कर्मी में से दो को गोली लगी। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जिसमें हमारे जवान की भी मृत्यु हो गई है और दोनों अपराध कर्मियों को भी मृत घोषित किया गया। इस मुठभेड़ के क्रम में अन्य दो को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस से जो चुनौतिपूर्ण लहजे में बात की गई थी उस पर केस दर्ज करके FIR दर्ज किया गया और उसके पश्चात अग्रिम कार्रवाई की गई है जिसमें दो अपराधी मारे गए हैं और हमारे एक पुलिस जवान की मृत्यु हो गई है।"
